कोरोना वायरस से दुनिया का सबसे ताकतवर देश पस्त हो चुका है-यानी अमेरिका. लेकिन जिस देश को अमेरिका ने 20 सालों तक युद्ध में झोंक रखा था. उसपर लाखों टन बारूद गिराकर उसे छलनी कर दिया था. आज अमेरिका से 30 गुना छोटे उस देश ने कोरोना वायरस को पस्त कर दिया है. ये देश है वियतनाम. इसकी कुल आबादी 9.60 करोड़ है. हर मामले में अमेरिका से कमजोर और पीछे लेकिन वियतनाम ने कोरोना को नियंत्रित कर दिया है. (फोटोः रॉयटर्स)
ये बात है जनवरी के अंत की जब लूनर ईयर की शुरुआत हुई थी. उसी समय वियतनाम में कोरोना वायरस के दो मामले सामने आए. तत्काल वियतनाम की सरकार ने दवा बनाने वाली कंपनियों से संपर्क साधा. (फोटोः रॉयटर्स)
वियतनाम में मेडिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी वियत ए कॉर्प ने कहा कि हमें सरकार ने कहा जल्द से जल्द जांच किट चाहिए. हमने तेजी से काम करना शुरू किया. हमारी फैक्ट्रियां दिन-रात काम करती रहीं. (फोटोः रॉयटर्स)
वियतनाम की सीमा चीन से सटी हुई है. चीन काफी रईस है वियतनाम की तुलना में. लेकिन वियतनाम में जनवरी से लेकर अब तक 270 मामले सामने आए. लेकिन किसी भी वियतनामी शख्स की मौत नहीं हुई. (फोटोः रॉयटर्स)
वियतनाम ने बहुत तेजी से पूरे देश में जांच करना शुरू किया. इसके बाद जहां से भी कोरोना के मामले सामने आए उस जगह को पूरी तरह से क्वारनटीन किया गया. साथ ही, टोटल लॉकडाउन कर दिया गया. (फोटोः रॉयटर्स)
वियतनाम ने तेजी से इसलिए कोरोना वायरस पर नियंत्रण कर लिया क्योंकि इस देश ने काफी जल्दी फैसला लिया जांच का. यात्राएं रोक दीं. क्वारनटीन कर दिया. 26 अप्रैल तक वियतनाम ने 2.13 लाख से ज्यादा टेस्ट कर लिए थे. आज लोगों का जीवन सामान्य हो चुका है. (फोटोः रॉयटर्स)
वहीं, अमेरिका ने क्वारनटीन, लॉकडाउन और टेस्ट करने का फैसला काफी देर से लिया. इसी वजह से वहां आज कोरोना से लाखों लोग पीड़ित हैं. 50 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. वियतनाम की इस सफलता की तारीफ अमेरिका की सीडीसी ने भी की है. वियतनाम में लोग अब सामान्य जीवन का आनंद उठा रहे हैं. (फोटोः रॉयटर्स)
वियतनाम ने देशभर में जांच केंद्रों की संख्या तेजी से बढ़ाई. ताकि ज्यादा से ज्यादा जांच की जाएं. जनवरी में यहां 100 टेस्ट प्रतिदिन होता था. लेकिन अप्रैल आते-आते यह संख्या बढ़कर 1000 जांच प्रतिदिन हो गई है. वियतनाम में हर कन्फर्म केस के पीछे 791 टेस्ट किए हैं. यह दुनिया में सबसे ज्यादा है. (फोटोः रॉयटर्स)
वियतनाम में मौजूद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रतिनिधि किदोंग पार्क ने कहा कि वियतनाम की सरकार ने जो आंकड़े बताए हैं. वो पूरी तरह से सच हैं. यहां की सरकार का तेजी से लिया गया फैसला और ओपन मार्केट पॉलिसी की वजह से कोरोना पर जल्द नियंत्रण कर लिया. (फोटोः रॉयटर्स)
वहीं, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फरवरी के आखिरी दिनों तक कोरोना वायरस को हल्के में ले रहे थे. जबकि, तब तक वियतनाम कोरोना को हराने की पूरी तैयारी कर चुका था. वियतनाम की सेना ने निजी कंपनियों के साथ मिलकर लाखों टेस्ट कराए. (फोटोः रॉयटर्स)
23 जनवरी को वियतनाम ने चीन से सटी अपनी सीमा बंद कर दी थीं. उड़ानें रोक दी थीं. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्राएं बंद करवा दी थीं. मार्च आते-आते वियतनाम ने पूरे देश में मास्क पहन कर निकलना जरूरी कर दिया. सारी फैक्ट्रियां बंद थीं लेकिन सरकार ने कपड़ा फैक्ट्रियों को खोलकर उनसे सर्जिकल और सामान्य मास्क बनवाए. (फोटोः रॉयटर्स)