कोरोना

कोरोना का खौफ! खांसने की वजह से लगा इस बस्ती के लोगों पर पानी लेने पर प्रतिबंध

राजेश वर्मा
  • रामगढ़,
  • 29 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST
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वैश्विक महामारी कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश में हाहाकार मचाया हुआ है. जरा सोचिए इस भयंकर संक्रमण और भीषण गर्मी में अगर लोगों को पानी से मरहूम कर दिया जाए तो उनका हाल कैसा होगा. कुछ ऐसी ही खबर झारखंड के रामगढ़ जिले से आई है, जहां पर लोगों को कोरोना के साथ पानी न मिलने की दोहरी मार झेलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.  

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रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड के मल्हार बस्ती के लोग पानी की एक एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. इस बस्ती के लोगों को पीने तक के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है. जिसकी वजह से ये लोग छोटे से गड्डे को खोदकर गंदा पानी पीकर किसी तरह से अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं. बड़ा सवाल यह कि आखिर ये नौबत क्यों आई जिसकी वजह से लोगों को पानी के लिए इतना परेशान होना पड़ रहा है. 

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मल्हार बस्ती के लोगों का कहना है कि कुंदरिया बस्ती के लोगों को लगता है कि अगर हम लोग यहां से पानी लेंगे तो उनकी बस्ती में कोरोना का संक्रमण फैल जाएगा. यह खौफ कुंदरिया बस्ती के लोगों में इसलिए आया क्योंकि उन लोगों ने मल्हार बस्ती के रहने वाले किसी शख्स को खांसता हुआ देख लिया और जब से कुंदरिया बस्ती के लोगों को लगने लगा कि यह कोरोना के लक्षण हैं. इसलिए मल्हार बस्ती के लोगों पर चापानल और कुएं से पानी लेने पर प्रतिबंध लगा दिया. 

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वहीं इस पर मल्हार बस्ती के लोगों का कहना है कि उनकी बस्ती में किसी को भी कोरोना नहीं हुआ है. टेस्ट करवाने के बाद हम लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. अभी तक इस बस्ती में किसी को कोरोना नहीं हुआ है. 

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दरअसल यह मल्हार बस्ती वन भूमि में बसा हुआ है, यहां के लोग वनभूमि में वर्षों से झोपड़ी बना कर रह रहे हैं. यहां करीब 45 परिवार रहते हैं, जिनकी कुल आबादी करीब 300 सौ के आसपास है. वन भूमि होने के कारण मल्हार बस्ती में सरकारी योजना के तहत लगने वाले चापानल और कुएं का निर्माण अभी तक नहीं हो सका है. वहीं इसी बस्ती से सटा हुआ कुंदरिया बस्ती है, जहां सरकारी योजना के तहत चापानल और कुआं बना हुआ है. अब तक मल्हार बस्ती के लोग पानी यहीं से लेते आए हैं. लेकिन कोरोना संक्रमण का डर कुंदरिया बस्ती के लोगों पर इस कदर हावी हो गया है कि ये लोग मल्हार बस्ती वालों को पानी लेने पर ही रोकने लगे. 

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वहीं इस कोरोना काल और भीषण गर्मी में मल्हार बस्ती के लोगों के सामने पानी का गहरा संकट खड़ा हो गया है. आनन फानन में इन लोगों ने एक गड्ढा खोद डाला और उसमें से गंदा पानी लेकर अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं. मल्हार  बस्ती के लोगों का कहना है कि हम सब चुनाव के दौरान वोट डालते हैं. लेकिन कोई भी हमारी मदद नहीं करता है.  यहां कोई भी सरकारी सुविधा नहीं हैं. हमारे पास सिर्फ राशन कार्ड है इसके अलावा कुछ भी नहीं.   

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मल्हार बस्ती के लोगों के पानी लेने के इस प्रतिबंध पर स्थानीय मुखिया रेखा देवी का कहना है कि कुंदरिया के बस्ती वालों से बात हो गई है, अब मल्हार बस्ती के लोगों को पानी लेने से नहीं रोका जाएगा. वहीं दूसरी तरफ इस मामले प्रखंड के बीडीओ बिनय कुमार ने बताया कि प्रखंड के सभी मुखिया, जलसहिया और पेयजल के अधिकारियों के साथ मीटिंग हो चुकी है. पूरे प्रखंड में जहां जहां पानी की दिक्कत है, उस समस्या को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा.

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