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कोरोना

इन 7 कारणों से ज्यादा खतरनाक हो जाता है कोरोना, ये है बचने की सही तरकीब

aajtak.in
  • 09 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 4:09 PM IST
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कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के पीछे सेहत से जुड़ी समस्या भी एक अहम वजह है. COVID-19 ऐसा वायरस है जो ज्यादातर फेफड़ों पर हमला करता है. ये पहले नाक, मुंह और आंखों से होता हुआ पूरे शरीर में फैल जाता है. इसलिए लोगों को बार-बार चेहरा ना छूने की सलाह दी जा रही है. कोरोना सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं बल्कि शरीर के कई अंगों को भी बुरी तरह प्रभावित करता है.

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ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपकी सेहत कैसी है और आपका शरीर संक्रमण को किस तरीके से लेता है. इन सबके अलावा भी कई चीजें शरीर में कोरोना वायरस के खतरे को बढ़ाने का काम करती हैं. आइए जानते हैं क्या हैं वो चीजें.

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आपकी उम्र

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यूरोप में COVID-19 की वजह से मरने वाले कम से कम 95 फीसदी लोगों की उम्र 60 साल से अधिक थी. इम्पीरियल कॉलेज लंदन के प्रोफेसर नील फर्ग्यूसन का कहना है कि  60 साल की उम्र में संक्रमित होने वाले करीब 4 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है और 70 साल में संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 8.6 फीसदी है. उम्र के साथ-साथ सेहत से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं और वायरस से लड़ने की शरीर की क्षमता कमजोर हो जाती है.

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जगह

शरीर के अलावा संक्रमण फैलना इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप कहां रहते हैं. आपकी लोकेशन भी एक जरूरी कारक हो सकती है. उदाहरण के लिए, अमेरिका का न्यूयॉर्क शहर कोरोनो वायरस का केंद्र बन गया है. संक्रमण के शुरूआत में यहां के निवासियों ने सरकार की सलाह नहीं मानी और एक शहर से दूसरे शहर सफर करते रहे जिससे ये वायरस कई छोटी जगहों पर फैल गया.

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गंभीर मोटापा

जरूरत से ज्यादा बढ़ा वजन आसानी से संक्रमण का शिकार हो जाता है. न्यूयॉर्क की तुलना में न्यू ऑर्लेअंस और सीएटल के लोग ज्यादा संक्रमित पाए गए. कुछ अधिकारियों का कहना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि वहां के ज्यादातर लोग मोटे हैं. रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) का कहना है कि जिन व्यक्तियों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 40 से अधिक है, उनमें संक्रमण का ज्यादा खतरा है.

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डायबिटीज

डायबिटीज के मरीजों में कोरोनो वायरस का गंभीर खतरा है. अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन का कहना है, 'अगर आपने अपना डायबिटीज अच्छी तरह कंट्रोल किया है तो आपमें COVID-19 से बीमार होने की संभावना कम है. लेकिन डायबिटिक केटोएसिडोसिस के मरीज इस संक्रमण से कोमा में जा सकते हैं और यहां तक की उनकी मौत भी हो सकती है.

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हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि अगर आपका ब्लड प्रेशर 130/80 से ऊपर है, तो आप में COVID-19 फैलने का खतरा ज्यादा है. Journal of the American Medical Association में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक,  चीन में कोरोना से मरने वाले 5.6 फीसदी लोग ऐसे थे जिन्हें हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत थी.

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दिल की स्थिति

मिनीपोलिस वीए हेल्थ केयर सिस्टम में मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर ओर्ली वर्डी का कहना है कि कोरोना वायरस फेफड़ों पर ज्यादा असर डालता है लेकिन यह दिल को भी नुकसान पहुंचाता है. धमनियों के आसपास फैटी टिश्यू होने पर, वायरस का प्रभाव कहीं अधिक गंभीर हो जाता है जिसकी वजह से दिल का दौरा, सूजन या हार्ट फेल भी हो सकता है.

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पुरानी फेफड़ों की बीमारी

जिस तरह से कोरोना वायरस शरीर पर हमला करता है, वो क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और अस्थमा जैसी फेफड़े की बीमारी के लिए और खतरनाक हो जाता है. WHO का कहना है कि धूम्रपान करने वालों को लिए भी यह एक बड़ा खतरा है.

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किडनी की बीमारी

किडनी की बीमारी की वजह से डायलिसिस पर रहने वालों की इम्यूनिटी बहुत कमजोर होती है. जिसकी वजह से उनमें कोरोना वायरस आसानी से फैल सकता है. नेशनल किडनी फाउंडेशन का कहना है कि डायलिसिस को नहीं रोका जा सकता लेकिन ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. जिन लोगों ने किडनी ट्रांसप्लांट किया है उन्हें इस समय डॉक्टर की सलाह मानकर चलना चाहिए.

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