महंगा हुआ सबसे ज्यादा बिकने वाला कंडोम, कंपनी ने कहा- होर्मुज में नाकेबंदी से बिगड़ा खेल

Condom Price Hike: कंडोम बनाने के लिए जरूरी अमोनिया और सिलिकॉन-आधारित लुब्रिकेंट्स जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की भारी कमी हो गई है, क्योंकि होर्मुज बंद होने से कच्चा माल सही समय पर नहीं पहुंच रहा है.

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कंडोम के बढ़ गए दाम. (Photo - Pixabay) कंडोम के बढ़ गए दाम. (Photo - Pixabay)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:09 PM IST

अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी की वजह से अब कंडोम के दाम बढ़ने वाले हैं. दरअसल, दुनिया की सबसे बड़ी कंडोम बनाने वाली कंपनी Karex कीमतों में 30 फीसदी या उससे भी अधिक बढ़ोतरी करने वाली है. 

Karex कंपनी का कहना है कि युद्ध की वजह से कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिस कारण कंडोम बनाने में लागत बढ़ गए हैं. अब दाम बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं हैं.  

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मलेशिया स्थित कंपनी Karex के सीईओ गो मिया कियाट (Goh Miah Kiat) ने बताया कि होर्मुज में सैन्य नाकेबंदी और तनाव के कारण कच्चे माल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. 

कंडोम बनाने के लिए जरूरी अमोनिया और सिलिकॉन-आधारित लुब्रिकेंट्स जैसे पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की भारी कमी हो गई है, क्योंकि दुनिया का लगभग 5वां हिस्सा कच्चा तेल और एलएनजी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से ही गुजरता है. 

कंडोम की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
कंपनी की मानें तो इस वैश्विक अनिश्चितता भरे माहौल में कंडोम की मांग में भी 30% तक का उछाल आया है. Karex के सीईओ का कहना है कि जब युद्ध जैसी स्थिति हो, नौकरियां खतरे में हो, तो फिर लोग चिंतित होकर परिवार नियोजन पर अधिक ध्यान देते हैं. ऐसे समय में कच्चा माल का सप्लाई बाधित से कंपनी की चुनौती दोगुनी हो गई है. 

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बता दें, Karex कंपनी हर साल करीब 5 बिलियन से अधिक कंडोम बनाती है, यह Durex और Trojan जैसे ब्रांडों के साथ-साथ यूके की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) को भी आपूर्ति करती है. कीमतों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर दुनिया भर के उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा.

होर्मुज पर तनातनी से दूसरे प्रोडक्ट्स भी महंगे
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि खाड़ी देशों में शिपमेंट रुकने से केवल कंडोम ही नहीं, बल्कि अन्य उत्पाद भी महंगे हो रहे हैं. पिछले वर्ष की तुलना में इकोनॉमी क्लास के टिकटों में औसतन 24% की बढ़ोतरी हुई है. परिवहन लागत बढ़ने से चीनी, डेयरी प्रोडक्ट और फलों की कीमतों में बढ़ोतरी की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा चिप उद्योग भी संकत में है, हीलियम की कमी से कंप्यूटर चिप्स का प्रोडक्शन प्रभावित हो रहा है.

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