बजट में NRI को झटका, भारत में होने वाली कमाई पर देना होगा टैक्स

NRI से सिर्फ उसकी भारतीय कमाई पर टैक्‍स लिया जाएगा. सरकार का ये कदम उनके लिए एक झटका है जो सिर्फ टैक्स बचाने के लिए देश से बाहर रहते हैं.

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सरकार ने बदली NRI की परिभाषा सरकार ने बदली NRI की परिभाषा

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 02 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 4:23 PM IST

  • जो नागरिक 182 दिनों से ज्यादा दुनिया के दूसरे देश में रहता है वो NRI
  • देश से बाहर रहने वालों के लिए टैक्‍स के मोर्चे पर सरकार ने दिया झटका

बीते 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट की वजह से देश के बाहर रहने वाले भारतीयों (NRI) को बड़ा झटका लगा है. इस बजट में NRI को अब अपनी भारतीय कमाई पर टैक्‍स देना होगा. हालांकि, अब तक ऐसी खबरें चल रही थीं कि NRI से दुनिया भर से हुई कमाई पर टैक्स लिया जाएगा. लेकिन इस मामले में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सफाई दी है. बिजनेस टुडे से बातचीत के दौरान निर्मला सीतारमण ने बताया कि NRI की सिर्फ भारतीय कमाई पर टैक्‍स लिया जाएगा. अब तक ये वर्ग टैक्‍स के झंझट से मुक्‍त था. टैक्स एक्सपर्ट मानते हैं कि वैसे भारतीय जो सिर्फ टैक्स बचाने के लिए देश से बाहर रहते हैं सरकार का ये कदम उनके लिए एक झटका है.

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वहीं वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक विदेश से अर्जित आय पर भारत में तब तक टैक्‍स नहीं लगाया जाएगा जब तक कि वह किसी भारतीय व्यवसाय से हासिल न हो.

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सरकार ने बदली NRI की परिभाषा

मौजूदा व्यवस्था में अगर कोई भारतीय नागरिक भारत से 182 दिनों से ज्यादा दुनिया के दूसरे देश में रहता है तो वो नॉन रेजिडेंट इंडियन बन जाता है. लेकिन बदली हुई व्यवस्था में अगर किसी भारतीय नागरिक को नॉन रेजिडेंट स्टेटस का फायदा लेना है तो उसे भारत में एक साल में 120 दिन से ज्यादा नहीं रहना पड़ेगा. बजट में प्रावधान किया गया है कि एक भारतीय नागरिक को NRI बनने के लिए उसे भारत से 240 दिन बाहर दुनिया के दूसरे देश में रहना पड़ेगा.

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विदेशी निवेशों के लिए टैक्‍स रियायत

बता दें कि विदेशी सरकारों की सॉवरेन धन कोष द्वारा निवेश को प्रोत्‍साहित करने के लिए वित्‍तमंत्री ने 31 मार्च, 2024 से पहले और 3 वर्ष की न्‍यूनतम लॉक-इन अवधि के लिए मैन्‍युफैक्‍चरिंग और अन्‍य क्षेत्रों में किए गए विनिवेश के संबंध में ब्‍याज, लाभांश और पूंजीगत लाभों को शत-प्रतिशत टैक्‍स छूट देने का प्रस्‍ताव किया है.

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