बढ़त के साथ शेयर बाजार की शुरुआत, सेंसेक्‍स 36 हजार के पार

सप्‍ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्‍स एक बार फिर 36 हजार के पार पहुंच गया है.

सेंसेक्‍स 36 हजार के पार
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली,
  • 25 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

विदेशी और घरेलू निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से सप्‍ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत हुई. सेंसेक्स सुबह 112.32 अंकों की मजबूती के साथ 35,983.80 पर खुला. इसी के साथ सेंसेक्‍स 36 हजार अंक को पार कर गया. इससे पहले  शुक्रवार को सेंसेक्‍स 26.87 अंक लुढ़क कर 35,871.48 के स्‍तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी की बात करें तो सोमवार को 21.6 अंकों की बढ़त के साथ 10,813.25 पर खुला. इससे पहले शुक्रवार को 1.80 अंक या 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 10,791.65 अंक पर बंद हुआ था.

यह है बढ़त की वजह

चीन और अमेरिका के बीच जारी व्यापार वार्ता के बीच चीन के सामानों पर शुल्क बढ़ाने की समयसीमा एक मार्च से बढ़ाने की ट्रंप की घोषणा के बाद एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई. वहीं निर्माणाधीन आवासीय संपत्तियों पर जीएसटी दरें 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने से भी बाजार को बल मिला.  ब्रोकरों के मुताबिक भारी विदेशी निवेश, घरेलू निवेशकों की बढ़ी लिवाली और एशियाई बाजारों के बढ़त में रहने से घरेलू बाजार को समर्थन मिला.    

इन शेयरों में रही मजबूती

जिन शेयरों में बढ़त दर्ज की गई उनमें टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, वेदांता, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, टीसीएस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हीरो मोटोकॉर्प, इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक, बजाज ऑटो, एचडीएफसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर्स और सन फार्मा हैं.  इनके शेयर 1.13 प्रतिशत तक मजबूती में कारोबार कर रहे थे.

एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट 3.32 फीसदी, जापान का निक्की 0.68 फीसदी, हांग कांग का हैंग सेंग 0.32 फीसदी और ताईवान का शेयर बाजार 0.39 फीसदी बढ़त में चल रहा था.   

रुपये में बढ़त

विदेशी निवेशकों की लिवाली और घरेलू शेयर बाजारों के बढ़त में खुलने के बीच शुरुआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हो गया. सोमवार को अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया 16 पैसे मजबूत होकर 70.98 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया. इससे पहले शुक्रवार को रुपया 10 पैसे मजबूत होकर 71.14 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

डीलरों के मुताबिक घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी निवेशकों की लिवाली और अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर के नरम रहने से रुपये को मजबूती मिली.

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