बिना सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर का दाम 86 रुपये बढ़ा, अब देने होंगे 737.50 रुपये

बिना-सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम अब 86 रुपये बढ़कर 737.50 रुपये हो गया है. बिना-सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में यह अब तक का सबसे बड़ा एकमुश्त इजाफा है. पेट्रोलियम कंपनियों ने कीमतों में इस इजाफे के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने को वजह बताया है.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

साद बिन उमर

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 11:03 PM IST

बिना-सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम अब 86 रुपये बढ़कर 737.50 रुपये हो गया है. बिना-सब्सिडी वाले सिलेंडर के दाम में यह अब तक का सबसे बड़ा एकमुश्त इजाफा है. पेट्रोलियम कंपनियों ने कीमतों में इस इजाफे के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने को वजह बताया है.

वहीं कांग्रेस ने के दाम में इस इजाफे को लेकर केंद्र सरकार पर प्रहार किया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल ने ट्वीट कर लिखा है, 'पिछले छह महीनों में एलपीजी के दाम 466 रुपये से बढ़कर 737 रुपये हो गए. (पूर्व) यूपीए सरकार की आलोचना करने वालों का अब क्या कहना है?'

Advertisement

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम अक्टूबर 2016 के बाद से बढ़ रहे हैं. इसी वजह से 1 फरवरी को भी गैस सिलेंडर के दाम में 66.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. बिना-सब्सिडी वाले 14.2 किलो के सिलेंडर का दाम अब तक 651.50 रुपये था. वहीं सितंबर 2016 में की कीमत 466.50 रुपये थी और तब से लेकर अब तक गैस सिलेंडर के दामों में 6 बार इजाफा किया गया है. पिछले साल सितंबर के बाद से अब तक यह 58% यानी 271 रुपये महंगा हो चुका है.

इसके अलावा तेल कंपनियों ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में भी 13 पैसे की मामूली इजाफा करते हुए 434.93 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया है. इससे पहले 1 फरवरी को इसमें 9 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी.

Advertisement

तेल कंपनियों ने इसके साथ ही विमान ईंधन के दाम भी 214 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़ाकर 54,293.38 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिए. इससे पहले इसमें 1 फरवरी को 3% की वृद्धि की गई थी.

इस इजाफे के बार में जानकारी देते हुए तेल कंपनियों की ओर से जारी आधिकारिक वक्तव्य में कहा गया है कि बिना-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में की गई वृद्धि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी उत्पादों की मूल कीमतों में आई बढ़त के अनुरूप है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement