ने जिस दिन से मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करने को लेकर अधिसूचना जारी की है, तब से लगातार इसको लेकर एसएमएस आ रहे हैं. बैंकों और मोबाइल कंपनियों की तरफ से लगातार भेजे जा रहे इन एसएमएस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी नाखुशी जाहिर की है.
सुप्रीम कोर्ट ने की सुनवाई
शुक्रवार को के उस फैसले पर मुहर लगा दी है, जिसमें उसने कहा था कि बैंक अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने आधार से जुड़ी 4 याचिकाओं को संवैधानिक पीठ में भेज दिया है.
रोज भेजे जा रहे हैं एसएमएस
इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए के वकील ने टेलिकॉम ऑपरेटर्स की तरफ से रोज भेजे जा रहे एसएमएस को लेकर अपनी बात रखी. वकील ने कहा कि टेलिकॉम ऑपरेटर और बैंकों की तरफ से ग्राहकों को हर दिन आधार से लिंक करने के लिए एसएमएस भेजे जा रहे हैं. उन्होंने दलील दी कि कंपनियां और बैंक आधार से लिंक करने के नाम पर एसएमएस भेजकर लोगों को डराने का काम कर रहे हैं.
'मुझे भी आते हैं ऐसे कॉल और एसएमएस'
याचिकाकर्ता के वकील की इस शिकायत पर ने कहा कि यह सिर्फ मौखिक दावा है. अटॉर्नी जनरल की इस प्रतिक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस अर्जन कुमार सिकरी ने तुरंत कहा, ''मुझे भी ऐसे एसएमएस और कॉल आते रहते हैं.''
बैंकों को दिया निर्देश
ने मोबाइल कंपनियों और बैंकों को दोनों चीजों को आधार से लिंक करने की आखिरी तारीख के बारे में सूचना मुहैया कराने का निर्देश दिया है.
आधार से लिंक करने को लेकर लगातार आ रहे एसएमएस को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने नाखुशी जाहिर की है.
विकास जोशी