निर्मला सीतारमण का मनमोहन सिंह को जवाब-गलत चीज को याद करना बेहद जरूरी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, इसे याद करना बेहद जरूरी है.

निर्मला सीतारमण ने किया पलटवार
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली,
  • 18 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

  • पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने सरकार की आर्थिक नीतियों पर बोला था हमला
  • पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी सरकार की नीतियों पर उठा चुके हैं सवाल

बीते गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. मनमोहन सिंह के बयान पर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पलटवार किया है.

निर्मला सीतारमण ने कहा, “मैं आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझने की बात कहने के लिए मनमोहन सिंह जी का सम्मान करती हूं, लेकिन किसी बात का संदर्भ समझाने के लिए किसी खास अवधि का जिक्र करना जरूरी होता है. उस अवधि में कब और क्या गलत हुआ, यह याद करना चाहिए.”  निर्मला सीतारमण ने ये बयान पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के उन आरोपों पर दिया है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि सरकार समाधान ढूंढने की बजाए हमेशा अपने प्रतिद्वंद्वियों पर दोष मढ़ने की कोशिश करती है.

कहां से हुई बयानबाजी की शुरुआत ?

दरअसल, कुछ दिनों पहले आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने विदेश में एक लेक्‍चर के दौरान सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोला था. रघुराम राजन ने कहा था कि सरकार के पास कोई विजन नहीं है और न ही किसी समस्‍या का समाधान किया जा रहा है. इसके साथ ही राजन ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसलों की वजह से अर्थव्‍यवस्‍था को झटका लगा है.

इसके बाद राजन की इस आलोचना का  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया. उन्‍होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में एक लेक्चर के दौरान कहा कि बतौर आारबीआई गवर्नर रघुराम राजन और पीएम मनमोहन सिंह के कार्यकाल में देश के सरकारी बैंकों का हाल बदतर स्थिति में पहुंच गया. इसके साथ ही उन्‍होंने आरोप लगाया कि इस दौर में सिर्फ एक फोन कॉल पर लोन दे दिए जाते थे.

निर्मला सीतारमण के इन आरोपों का जवाब देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सामने आए. बीते गुरुवार को उन्‍होंने कहा कि अगर हमारी सरकार (यूपीए सरकार) के द्वारा बैंकिंग के क्षेत्र में कुछ गलतियां हुई हैं, तो फिर मोदी सरकार को उससे कुछ सीखना चाहिए था. लेकिन अगर आप नीरव मोदी के मामले को देखें तो वह भाग गया, लेकिन सरकार दूसरों पर ही आरोप मढ़ रही है. मनमोहन सिंह ने कहा कि सिर्फ दूसरे पर आरोप लगाने से ही मुसीबत का हल नहीं निकलेगा, ये हमने पिछले पांच साल में देखा है. मनमोहन सिंह के इसी बयान का निर्मला सीतारमण ने जवाब दिया है.

देश की अर्थव्यवस्था अब भी सबसे तेज

इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसे और तेजी से विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. सीतारमण ने कहा कि आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट में भारत और चीन दोनों की विकास दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, लेकिन वह निश्चित ही चीन के साथ तुलना नहीं करेंगी.

उन्होंने कहा, ‘‘आईएमएफ ने (अपने हालिया अनुमान में) विश्व की सभी अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास दर कम कर दी है.  इसने भारत के लिए विकास अनुमान कम कर दिया है. इसके बावजूद भारत अब भी सबसे तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्था के तौर पर आगे बढ़ रहा है. ’’ बता दें कि आईएमएफ ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2019 में 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया है.

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