निर्यातकों ने केंद्र सरकार से जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को तेज करने की मांग की. क्योंकि उन्हें डर है कि इस मद में 65000 करोड़ रुपये की बड़ी राशि अटक सकती है.
राजस्व सचिव हसमुख अधिया की अध्यक्षता वाली निर्यातकों की समिति ने आठ निर्यात संवर्धन संगठनों से मुलाकात की. ताकि जीएसटी के कार्यन्वयन के बाद उनकी चिंताओं को समझा जा सके. बैठक के बाद फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा, 'अगर रिफंड मिलना तत्काल शुरू नहीं होता है तो अक्टूबर के आखिर तक 65000 करोड़ रुपये अटक सकते हैं.' इससे निर्यातकों की नकदी स्थिति और खराब होगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस बारे में जल्द फैसला करेगी ताकि निर्यातकों को अन्य क्षेत्रों के समान अवसर मिल सके.
बैठक के दौरान निर्यातकों ने के आधार पर रिफंड की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने पर जोर दिया. अभियांत्रिकी निर्यात संवर्धन परिषद के बोर्ड सदस्य पीके शाह ने कहा कि आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि अधिकारी उठाव के बाद ही कम से कम 90 प्रतिशत रिफंड जारी कर दें. पी अहमद ने कहा कि जीएसटी के चलते निर्यातकों के समक्ष चुनौतियां हैं और उन्हें करों के तुरंत रिफंड की जरूरत है.
केशवानंद धर दुबे / BHASHA