जुलाई में जमकर मिलीं नौकरियां, EPFO से जुड़े 11.62 लाख लोग

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नवीनतम पेरोल डेटा के मुताबिक जुलाई, 2019 में 11.62 लाख नौकरियां मिली हैं. इस साल जुलाई महीना दूसरा सबसे ज्यादा नौकरी देने वाला रहा.

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नौकरियों के सृजन में इजाफा नौकरियों के सृजन में इजाफा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:04 AM IST

  • जुलाई महीना दूसरा सबसे ज्यादा नौकरी देने वाला रहा
  • जुलाई, 2019 में 11.62 लाख नौकरियां मिली हैं
  • EPFO के नवीनतम पेरोल डेटा से मिले आंकड़े
  • सबसे ज्यादा नौकरी 18 से 21 वर्ष की उम्र वाले वर्ग में

जुलाई में औपचारिक क्षेत्र में खूब नौकरियां मिली हैं. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नवीनतम पेरोल डेटा के मुताबिक जुलाई, 2019 में 11.62 लाख नौकरियां मिली हैं. इस साल नौकरी के मामले में देखें तो जुलाई महीना दूसरा सबसे ज्यादा नौकरी देने वाला रहा.

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इसके पहले जून महीने में सबसे ज्यादा 12.23 लाख नौकरियों का सृजन हुआ था. यही नहीं, यह इस साल तीसरा महीना है जब ईपीएफओ के मुताबिक औपचारिक नौकरियों का सृजन एक महीने में 10 लाख से ज्यादा हुआ है. हालांकि, इस आंकड़े में कुछ अस्थायी कर्मचारी शामिल हो सकते हैं, जिनका पीएफ योगदान हो सकता है कि अगले महीनों के दौरान जारी न रहे. पीएफ सदस्यों को विवरण आधार कार्ड से जुड़ जाने की वजह से उनकी निगरानी करना आसान हो गया है.

मोदी सरकार के लिए राहत

गौरतलब है कि रोजगार के मोर्चे पर मोदी सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर रही है. ऐसे में इस तरह के आंकड़े सरकार को राहत देने वाले हैं. हालांकि पीएफ के आंकड़ों पर आलोचक ब‍हुत भरोसा नहीं करते. उनका कहना है कि पीएफ से जुड़ने वाले बहुत से लोग एक तो बाद में निकल भी सकते हैं और कई बार पुराने कर्मचारियों को पीएफ से जोड़ लिया जाता है, इसलिए पीएफ धारकों की संख्या बढ़ने का यह मतलब नहीं है कि नई नौकरियों का सृजन हो गया हो.

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EPFO भारत में संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों की सामाजिक सुरक्षा निधि का प्रबंधन करता है. इससे 6 करोड़ से ज्यादा एक्ट‍िव सब्सक्राइबर जुड़े हैं. एक्ट‍िव सब्सक्राइबर का मतलब होता है ऐसे कर्मचारी जिसने साल में कम से कम एक बार पीएफ में योगदान किया है.

ईपीएफओ के अनुसार, सितंबर 2017 के बाद अब तक 1.14 करोड़ नौकरियों का सृजन हुआ है. इनमें से सितंबर 2017 से मार्च 2018 के बीच सिर्फ 15.53 लाख नौकरियों का सृजन हुआ था. लेकिन वित्त वर्ष 2019 में 61.12 लाख नौकरियों का सृजन हुआ.

आंकडों के मुताबिक जुलाई में 10.5 लाख नए सदस्य ईपीएफ योजना से जुड़़े, जबकि 4.28 लाख पुराने सदस्य ईपीएफ स्कीम से बाहर हो गए. इसके अलावा फिर से ईपीएफ से जुड़ने वाले पुराने सदस्यों की संख्या 5.4 लाख रही, इस तरह पीएफ से जुलाई में जुड़ने वाले सदस्यों की शुद्ध संख्या 11.62 लाख रही.

सबसे ज्यादा नौकरी युवाओं को

जुलाई, 2019 में सबसे ज्यादा 3.27 लाख नौकरियों का सृजन 18 से 21 वर्ष की उम्र वाले वर्ग में हुआ. 22 से 25 वाले आयु वर्ग में 3.23 लाख नौकरियों का सृजन हुआ. 26 से 28 आयु वर्ग में 1.4 लाख नौकरियों का सृजन और 29 से 35 वाले वर्ग में 1.93 लाख और 35 साल से ऊपर वाले वर्ग में 1.69 लाख नौकरियों का सृजन हुआ.

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