चक्रवात फानी से तबाही: बीमा क्लेम को जल्द निपटाने के इरडा ने दिए आदेश

चक्रवात तूफान से पिछले दिनों ओडिशा में भारी तबाही हुई है. अब इसको लेकर बीमा के क्लेम कंपनियों के पास आने शुरू हो गए हैं. इरडा ने बीमा कंपनियों को ऐसे मामलों को तत्काल निपटाने का आदेश दिया है.

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चक्रवात फानी से ओडिशा में हुई है भारी तबाही चक्रवात फानी से ओडिशा में हुई है भारी तबाही

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2019,
  • अपडेटेड 4:45 PM IST

बीमा नियामक इरडा ने बीमा कंपनियों को ओडिशा के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों तथा पड़ोसी राज्यों में सभी दावों (इंश्योरेंस क्लेम) का पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा पात्र मामलों को तत्काल निपटाने का आदेश दिया है.

नियामक ने बीमा कंपनियों से सभी दावों का पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा पात्र मामलों के त्वरित निपटान के लिये कदम उठाने को कहा है. इरडा ने दावों के निपटान को लेकर सामान्य परिस्थितियों में जरूरी प्रक्रियाओं में स्थिति के अनुसार छूट देने को कहा है. नियामक ने दावों के लिए कार्यालय या विशेष शिविरों के ब्योरे का प्रचार-प्रसार करने को भी कहा है.

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इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चक्रवात फानी की वजह से बीमा कंपनियों को 1,000 करोड़ रुपये तक के क्लेम का सामना करना पड़ रहा है. फानी की वजह से ओडिशा में भारी नुकसान हुआ है.

बीमा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक इंश्योरेंस क्लेम आने शुरू भी हो गए हैं. हालां‍कि ओडिशा में इंश्योरेंस पेनीट्रेशन यानी लोगों द्वारा बीमा कराने की दर काफी कम है. अभी बीमा कंपनियों को सबसे ज्यादा लॉन्ग टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी और एसएमई पॉलिसी के लिए क्लेम संबंधी सूचना मिली है. इनके निपटान के लिए कंपनियों ने स्पेशल हेल्प डेस्क बनाना शुरू कर दिया है.

इरडा ने बीमा कंपनियों से कहा है, 'बीमा दावों को निपटारे को तेज करने के लिए प्रक्रिया के उपयुक्त सरलीकरण जैसे जहां संभव हो जरूरी शर्तों में थोड़ा लचीलापन देने पर विचार किया जा सकता है.'  इरडा ने कहा, 'जहां किसी की जान चले जाने के बाद परिजनों द्वारा दावे में कोई समस्या आती है, जैसे शव न मिलने की वजह से डेट सर्ट‍िफिकेट न मिलने आदि की वजह से वहां साल 2015 में चेन्नई में आई बाढ़ जैसे मामले अपनाई गई प्रक्रिया को निपटाया जा सकता है.

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गौरतलब है कि ओडिशा में चक्रवाती तूफान 'फानी' 193 किमी प्रति घंटे की रफ्तार आया. हवा इतनी तेज थी कि कई बड़े पेड़ जड़ों से उखड़ गए. बसें पलट गईं. घरों के दरवाजे और खिड़कियां टूट गईं. कई जगहों पर टेलीफोन और बिजली के खंबे ढह गए. लेकिन अच्छी बात ये थी कि करीब 11.5 लाख लोगों को सुरक्षित बचाया गया.

ऐसा सिर्फ इसलिए हो पाया क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO के उपग्रहों ने पहले ही चेतावनी दे दी थी. तूफान फानी को 43 सालों का सबसे खतरनाक तूफान बताया जा रहा है. इसके कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वाले 16 लोगों में से मयूरभंज से चार, व पुरी, भुवनेश्वर और जाजपुर में तीन-तीन एवं क्योंझर, नयागढ़ और केंद्र पाड़ा में एक -एक व्यक्ति शामिल हैं.

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