एक और घोटाला, हैदराबादी कंपनी ने UBI समेत 8 बैंकों को लगाया 1394 करोड़ का चूना

बैंक घोटाले के इस नए मामले की शिकायत दर्ज करते हुए सीबीआई ने बताया कि मामला हैदराबाद स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से संबंधित है. हैदराबाद स्थित कंपनी टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने बैंक के साथ 303.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है.

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सरकारी बैंक में एक और घोटाला सरकारी बैंक में एक और घोटाला

राहुल मिश्र

  • हैदराबाद,
  • 22 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 7:01 PM IST

पंजाब नैशनल बैंक में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले के बाद हैदराबाद में एक और बैंक घोटाला सामने आया है. बैंक घोटाले के इस नए मामले की शिकायत दर्ज करते हुए सीबीआई ने बताया कि मामला हैदराबाद स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से संबंधित है. हैदराबाद स्थित कंपनी टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने बैंक के साथ 303.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है.

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सीबीआई ने मामले में टोटेम इंफ्रा, उसके प्रमोटर टोटेमपुडी सलालीथ और टोटेमपुडी कविता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. शिकायत के मुताबिक कंपनी द्वारा 8 बैंकों के समूह से कारोबारी कर्ज लिया गया था और इस बैंक समूह का नेतृत्व यूनियन बैंक ऑफ इंडिया कर रहा था. वहीं, बैंकों के समूह का कुल 1394.43 करोड़ का कर्ज मामले में फंसा है. गौरतलब है कि कंपनी को दिए गए इस लोन को 30 जून 2012 को, लोन और ब्याज की किश्त चुकाने में डिफॉल्ट होने के बाद, एनपीए घोषित कर दिया गया था.

गौरतलब है कि टोटेम इंफ्रा रोड प्रोजेक्ट, वॉटर वर्क्स और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन के कारोबार से संबंधित है. टोटेम इंफ्रा ने देश की जानीमानी कंपनियां जैसे एलएंडटी, आरआईटीईएस और इरकॉन इंटरनैशनल के लिए सबकॉन्ट्रैक्ट पर भी काम किया है.

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कर्ज देने वाले बैंक का दावा है कि कंपनी ने उससे कर्ज लेने के बाद फंड डायवर्ट किया है. वहीं अपना घाटा दिखाने के लिए कंपनी ने अपने खर्च और सैलरी के मद को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया है. बैंक के मुताबिक कर्ज में डिफॉल्ट करने के बाद से कंपनी के प्रमोटर्स फरार हैं और बैंक के पास उनके नए ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मौजूद है. शिकायत दर्ज होने के बाद सीबीआई लगातार हैदराबाद में कंपनी के प्रमोटर्स को खोजने का काम कर रही है और कंपनी से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है.

गौरतलब है कि इससे पहले सीबीआई देश के प्रमुख सरकारी बैंक पंजाब नैशनल बैंक के साथ हुए लगभग 12 हजार करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रही है. इस घोटाले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने बैंक की क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल करते हुए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए विदेश में पैसे लेने और फंड डायवर्ट करने का काम किया है.

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