तीन दर्जन सीए पर गिर सकती है गाज, RBI बनाए हुए है नजर

गौरतलब है कि पिछले साल आईसीएआई के स्थापना दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन को सफेद करने में सीए की भूमिका को लेकर तीखे कटाक्ष किए थे और उन्हें 'बही को सही' करने वाला साथी कहा था. उन्होंने कहा था कि नोटबंदी के दौरान कई लोगों ने बड़ी कंपनियों को कालेधन को सफेद करने में मदद की थी. उनको पहचानने और किनारे करने की जरूरत है.

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रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया. रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया.

आदित्य बिड़वई

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

लिस्टेड कंपनियों के कामकाज में गड़बड़ी या लापरवाही बरतने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए), कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) पर रिज़र्व बैंक कड़ी कार्रवाई कर सकता है. ऐसा करने वाले करीब तीन दर्जन सीए पर आरबीआई नजर बनाए हुए है.  

सूत्रों के मुताबिक, इन सभी सीए पर प्रमोटर्स के साथ मिलकर बैंकों के कर्ज भुगतान में धोखाधड़ी करने के अलावा लोन रिस्ट्रक्चरिंग करने का आरोप है.

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बताया जा रहा है कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के 13,000 करोड़ रुपए के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के सामने आने के बाद आरबीआई सतर्क है. इसी के चलते पंजाब नेशनल बैंक के ऑडिटरों को केंद्रीय सतर्कता आयोग ने पूछताछ के लिए भी बुलाया है. इस बारे में मुख्य सतर्कता आयुक्त के.वी. चौधरी ने बताया कि करीब दर्जन भर सीए ने बैंक के खातों की ऑडिटिंग की. इन सबसे बैंक में हुए वित्तीय लेनदेन के बारे में पूछा जाएगा. बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी से भी रिपोर्ट मांगी गई है.

SEBI कर रहा सीए-सीएस पर जुर्माने की तैयारी...

यही नहीं, पीएनबी, फोर्टिस, किंगफिशर जैसे हालिया मामलों के कारण सेबी निगरानी प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर विचार कर रहा है. इस तरह की इकाइयां यदि अपने कामकाज में गड़बड़ी करती हैं तो सेबी उनकी गलत कार्यों से प्राप्त संपत्ति, फीस को डिफॉल्ट की तिथि से उस पर 12 फीसदी सालाना ब्याज के साथ पूरी राशि को वापस ले सकती है.

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पीएम मोदी ने किए थे तीखे कटाक्ष...

गौरतलब है कि पिछले साल आईसीएआई के स्थापना दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन को सफेद करने में सीए की भूमिका को लेकर तीखे कटाक्ष किए थे और उन्हें 'बही को सही' करने वाला साथी कहा था. उन्होंने कहा था कि नोटबंदी के दौरान कई लोगों ने बड़ी कंपनियों को कालेधन को सफेद करने में मदद की थी. उनको पहचानने और किनारे करने की जरूरत है.

उन्होंने गड़बडि़यों में शामिल सीए के खिलाफ आईसीएआई की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया था. मोदी ने कहा था कि पिछले 11 साल में सिर्फ 25 सीए के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जबकि 1400 से ज्यादा मामले सालों से लंबित पड़े हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि आईसीएआई दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाकर उन्हें सजा देगा. अब आरबीआई की ताजा कार्रवाई को इसी से जो़ड़कर देखा जा रहा है.

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