घर मिला पर हक नहीं, महागुण मंत्रा-2 के खरीदारों का रजिस्ट्री के लिए प्रदर्शन

पूरी उम्र की जमा-पूंजी लगाने के बाद भी महागुण मंत्रा-2 के खरीदार अपने ही घर में 'बेघर' महसूस कर रहे हैं. रजिस्ट्री न होने से नाराज सैकड़ों निवासियों ने बिल्डर दफ्तर के परिसर में ही डेरा डाल दिया.

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रजिस्ट्री के लिए घंटों तक लोगों ने किया प्रदर्शन (Photo-ITG) रजिस्ट्री के लिए घंटों तक लोगों ने किया प्रदर्शन (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:12 PM IST

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित महागुन मंत्रा 2 सोसायटी के लोग सालों से अपने घर की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं. पहले लोगों को घर का पजेशन मिलने का इंतजार करना पड़ा और जब घर मिला तो रजिस्ट्री के लिए लोग सालों से प्रोटेस्ट कर रहे हैं. शनिवार को भी महागुन मंत्रा के निवासी बिल्डर के दफ्तर पहुंचे और लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. 

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लोगों का आरोप है कि सालों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनको अभी तक मालिकाना हक नहीं मिला है. करीब 1100 ऐसे बायर्स हैं जिनकी रजिस्ट्री नहीं हुई है. और सालों से ये लोग रजिस्ट्री की मांग कर रहे हैं 

लोगों का आरोप है कि फ्लैट की पूरी कीमत बिल्डर को चुकाने के बावजूद उनकी रजिस्ट्री अब तक नहीं हो सकी है, जिसका मुख्य कारण बिल्डर द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का बकाया जमा न करना है. सैकड़ों खरीदार सेक्टर-63 स्थित महागुण कार्यालय पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया. पुलिस की मौजूदगी और समझाने के प्रयासों के बाद भी खरीदार अपनी मांग पर अड़े रहे. 

यह भी पढ़ें: Mahagun Mantra 2 के 900 परिवारों को सालों से रजिस्ट्री का इंतजार, हर वक्त रहता है घर खोने का डर

लोग ऑफिस परिसर के अंदर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर लिखित में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे. 

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2014 में लॉन्च हुआ था प्रोजेक्ट

महागुन मंत्रा 2 का ये प्रोजेक्ट 2014 में लॉन्च हुआ था, लोगों को घर पजेशन मिलने के लिए भी कई सालों तक इंतजार करना पड़ा. घर मिला तो अब रजिस्ट्री की लड़ाई जारी है. कुछ महीने पहले aajtak.in ने इस सोसायटी का दौरा किया था. लोगों का कहना था कि अपने घर की रजिस्ट्री न होने के कारण वो गहरे संकट में हैं. फ्लैट की पूरी कीमत चुकाने और कब्जा मिलने के बावजूद, कानूनी रूप से वे अब भी अपने ही घर के मालिक नहीं बन पाए हैं.

निवासियों ने डर जताया था कि बिना रजिस्ट्री के उनके पास मालिकाना हक का कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं है, जिससे भविष्य में उनके साथ धोखाधड़ी या घर छिनने का खतरा बना रहता है. इसके अलावा, रजिस्ट्री न होने की वजह से लोग न तो अपने फ्लैट को बेच पा रहे हैं और न ही उन पर बैंक लोन जैसी सुविधाएं ले पा रहे हैं, जिसके चलते करोड़ों रुपये निवेश करने के बाद भी वे खुद को 'बेघर' महसूस कर रहे हैं.

 

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