वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऑटो इंडस्ट्री में मंदी के लिए टैक्सी एग्रीगेटर ओला और उबर को जिम्मेदार ठहरा रही हैं. वहीं मोदी सरकार के कृषि मंत्रालय ने हाल ही में एक ऐसा ऐप लॉन्च किया है जो ओला और उबर की तरह काम कर रहा है.इस खास ऐप से किसान अब ओला-उबर की तर्ज पर खेती के लिए ट्रैक्टर समेत अन्य उपकरण मंगा सकते हैं. हालांकि इसके लिए किसान को किराया भी देना होगा. आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में...
दरअसल, हाल ही में कृषि मंत्रालय की ओर से 'CHC Farm Machinery' ऐप लॉन्च किया गया है. इस ऐप पर किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर्स (CHCs) के जरिए खेती से जुड़ी मशीन मुहैया कराई जाएगी. इसके लिए 35 हजार कस्टम हायरिंग सेंटर्स देशभर में बनाए जा चुके हैं, जिनकी क्षमता 2.5 लाख कृषि उपकरण सालाना किराये पर देने की है.
कैसे काम करता है ऐप
इन उपकरणों में से किसी को भी सेलेक्ट कर सकते हैं. यहां बता दें कि ऐप में एक से अधिक उपकरण का भी चयन किया जा सकता है.
इसके अलावा यह जानकारी भी देनी होगी कि उपकरण या मशीन आपको कितने दिन के लिए चाहिए. वहीं फसल, गांव समेत अन्य जरूरी जानकारियां भी देना अनिवार्य है.
यहां बता दें कि यह सुविधा खेती के इलाके से 50 किलोमीटर के भीतर कस्टम हायरिंग सेंटर्स होने की स्थिति में ही मिलेगी. यह सभी जानकारियां देने के बाद आपको बुकिंग का बटन दिखेगा. इसे क्लिक करने के बाद आप बुक किए गए मशीन या उपकरण के किराए से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं.