हम अक्सर ये शिकायत करते हैं कि रेलवे का किराया लगातार बढ़ाया जा रहा है. बजट में भी कोई खास घोषणा रेलवे को लेकर न होने पर भी आम आदमी नाराज था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि रेलवे को 100 रुपये कमाने की खातिर 111 रुपये खर्च करने पड़ते हैं.
रेलवे की वित्तीय शाखा की तरफ से डेटा जारी किया गया है. इसके मुताबिक रेलवे किराये और माल ढुलाई पर जितना खर्च कर रही है, उससे कम उसकी कमाई होती है. शाखा के अनुसार हर 100 रुपये पर उसे 111.51 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं.
अप्रैल-जुलाई के बीच रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 111 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर रहा है. भले ही ट्रैफिक ग्रोथ कम रहा हो, लेकिन पेंशन देनदारी और ऑपरेशनल कॉस्ट उसका काफी बढ़ा है.
रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो कई सालों तक काफी ज्यादा रहा है. लेकिन पिछले 5 से 6 साल के दौरान यह 90 फीसदी के करीब रहा है. 2017-18 के दौरान की बात करें, इस समय यह 96 फीसदी रहा है. 2018-19 के लिए अनुमानति ऑपरेटिंग रेशियो 92.8 फीसदी रखा गया है.
जब भी ऑपरेटिंग रेशियो ज्यादा होता है, तो इसका मतलब यह है कि रेलवे के पास पूंजीगत निवेश के लिए पैसे नहीं हैं. ऐसे में नई रेलवे लाइन बिछाना, ज्यादा कोच लगाना और रेलवे को आधुनिक बनाना मुश्किल होगा.
रेलवे की वित्तीय शाखा के मुताबिक अप्रैल-जुलाई के दौरान रेलवे ने 17,273.37 करोड़ रुपये की कमाई की, लेकिन लक्ष्य 17,736.09 करोड़ रुपये कमाने का था. सामान से होने वाली कमाई भी लक्ष्य से कम ही थी. इसने 36,480.41 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि 39,253.41 करोड़ रुपये का लक्ष्य था. (सभी फोटो प्रतीकात्मक)