बीते 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में देश के 40 जवान शहीद हो गए. इस शहादत पर देशभर में गम और गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस माहौल में अर्द्धसैनिक बल के जवानों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी बहस छिड़ी हुई है तो वहीं मोदी सरकार भी जवानों के लिए लगातार अहम फैसले ले रही है. बीते दिनों सरकार ने दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच किसी भी यात्रा के लिए जवानों को हवाई सफर की मंजूरी दी. इसके बाद सरकार ने अर्द्धसैनिक बल के जवानों के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है. आइए जानते हैं इस नए फैसले के बारे में.
दरअसल, सरकार ने जम्मू - कश्मीर में तैनात अर्द्धसैनिक बल के जवानों के रिस्क ( जोखिम) और हार्डशिप (कठिनाई ) भत्ते को बढ़ा दिया है. गृह मंत्रालय ने इस संबंध में फैसला लिया है. इस फैसले के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) या अर्द्धसैनिक बल के निचले स्तर के अधिकारियों का भत्ता विशेष लाभ के साथ हर महीने 7,600 रुपये और उच्च अधिकारियों का भत्ता 8,100 रुपये तक बढ़ा दिया गया है.
इस बढ़ोतरी के बाद इंस्पेक्टर रैंक तक के जवानों के भत्ते को 17,300 रुपये कर दिया गया है. इस रैंक के जवानों को अब तक 9,700 रुपये मिलते है. वहीं अधिकारियों का भत्ता 16,900 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है. बढ़ा हुआ भत्ता जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सभी अर्द्धसैनिकों पर लागू होगा.
बता दें कि बीते दिनों गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों को दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच किसी भी यात्रा के लिए हवाई सफर को मंजूरी दी थी. इस आदेश से अर्ध सैनिक बलों के 7,80,000 जवानों को लाभ होगा. इन जवनों को अब तक हवाई यात्रा करने का अधिकार नहीं था.