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जवानों के लिए मोदी सरकार का तोहफा, 2 साल से अटकी फाइल को दी मंजूरी

aajtak.in
  • 25 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:25 PM IST
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बीते 14 फरवरी को जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलवामा आतंकी हमले में देश के 40 जवान शहीद हो गए. इस शहादत पर देशभर में गम और गुस्‍सा देखने को मिल रहा है. इस माहौल में अर्द्धसैनिक बल के जवानों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी बहस छिड़ी हुई है तो वहीं मोदी सरकार भी जवानों के लिए लगातार अहम फैसले ले रही है. बीते दिनों सरकार ने  दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच किसी भी यात्रा के लिए जवानों को हवाई सफर की मंजूरी दी. इसके बाद सरकार ने अर्द्धसैनिक बल के जवानों  के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है. आइए जानते हैं इस नए फैसले के बारे में.

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दरअसल,  सरकार ने जम्मू - कश्मीर में तैनात अर्द्धसैनिक बल के जवानों के रिस्‍क ( जोखिम) और हार्डशिप (कठिनाई ) भत्ते को बढ़ा दिया है. गृह मंत्रालय ने इस संबंध में फैसला लिया है. इस फैसले के तहत  केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) या अर्द्धसैनिक बल के निचले स्तर के अधिकारियों का भत्ता विशेष लाभ के साथ हर महीने 7,600 रुपये और उच्च अधिकारियों का भत्ता 8,100 रुपये तक बढ़ा दिया गया है.    

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इस बढ़ोतरी के बाद इंस्पेक्टर रैंक तक के जवानों के भत्ते को 17,300 रुपये कर दिया गया है. इस रैंक के जवानों को अब तक 9,700 रुपये मिलते है.  वहीं अधिकारियों का भत्ता 16,900 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है.     बढ़ा हुआ भत्ता जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सभी अर्द्धसैनिकों पर लागू होगा.

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अहम बात यह है कि जवानों के भत्‍ते से जुड़ी फाइल अगस्‍त 2017 से लंबित था. साल 2017 में रिस्‍क और हार्डशिप भत्ते के मामले को देखने और समीक्षा करने के लिए केन्द्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था. लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया था. 

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इन इलाकों में तैनात जवानों को मिलता है भत्‍ता 

अभी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती पर यह भत्‍ता मिलता है. इसमें जम्मू कश्मीर के बड़गाम, पुलवामा, अनंतनाग, बारामुला, कुपवाड़ा, कुलगाम, शोपियां, किश्तवाड़, डोडा, रामबन, उधमपुर जिले शामिल हैं. इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लातेहार (झारखंड), गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) मल्कानगिरी (ओडिशा) छत्तीसगढ़ के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायनपुर, बस्तर और तेलंगाना के एक जिला भी शामिल हैं.

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बता दें कि बीते दिनों गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों को दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच किसी भी यात्रा के लिए हवाई सफर को मंजूरी दी थी. इस आदेश से अर्ध सैनिक बलों के 7,80,000 जवानों को लाभ होगा. इन जवनों को अब तक हवाई यात्रा करने का अधिकार नहीं था.

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