भारतीय रिजर्व बैंक ने 100 रुपये के नये नोट की तस्वीर जारी कर दी है. गुरुवार को तस्वीर जारी करने के साथ ही केंद्रीय बैंक ने कहा कि इन नोटों को बैंकिंग चैनल के जरिये लोगों के बीच पहुंचाया जाएगा.
100 रुपये के नये नोटों की खातिर देश के 2.4 लाख एटीएमों को तैयार करने में काफी समय लगने वाला है. एटीएम इंडस्ट्री का कहना है कि एटीएम रिकैलिब्रेशन में काफी ज्यादा समय और पैसा खर्च होगा.
हिताची पेमेंट सर्विसेज मैनेजिंग डायरेक्टर के लोनी एंटोनी कहते हैं, ''हमें लगता है कि देश में 2.4 लाख एटीएम हैं. इन्हें 100 रुपये के नये नोट की खातिर तैयार करने के लिए 100 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं. इस काम को पूरा करने में 12 महीने लग सकते हैं.''
एंटोनी कहते हैं कि देश के सभी एटीएम को 200 रुपये के नये नोट की खातिर तैयार करने का काम अभी पूरा नहीं हुआ है. ऐसे में अगर 100 रुपये के नये नोट के लिए एटीएमों को तैयार करने के लिए बेहतर योजना नहीं बनाई गई, तो इसमें समय लगना तय है.
कंफेड्रेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) के निदेशक और मोबाइल पेमेंट्स सर्विस एफएसएस के प्रेसिडेंट वी. बालासुब्रमण्यन कहते हैं कि किसी भी नोट के आकार में जब कोई बदलाव होता है, तो उसके लिए एटीएम को रिकैलिब्रेट करना पड़ता है.
वह कहते हैं कि 100 रुपये का नया नोट आने की सूरत में यह सवाल उठता है कि आखिर हम एटीएम को दोनों के लिए रिकैलिब्रेट कैसे करेंगे? ऐसे में पुराने नोटों को जारी रखना और नये नोटों की उपलब्धता इस पर निर्भर करेगी कि क्या इनके लिए एटीएम को रिकैलिब्रेट किया जाए या नहीं.
वहीं, यूरोनेट सर्विसेज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर 100 रुपये का नया नोट लाने का स्वागत करते हैं. लेकिन इसके साथ ही वह कहते हैं कि नये नोट के आकार में बदलाव किया गया है. ऐसे में इनके लिए एटीएम को रिकैलिब्रेट करना होगा. जिसमें काफी ज्यादा समय लगता है. इससे पहले ही नुकसान झेल रही एटीएम इंडस्ट्री पर दबाव बढ़ेगा. (सभी फोटो प्रतीकात्मक)