दो दिनों तक लगातार तेजी के बाद गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में ही सोना और चांदी के ईटीटफ 21 फीसदी तक टूट गए. हालांकि थोड़े देर बाद इनमें रिकवरी आई और ये 13 फीसदी तक की गिरावट पर कारोबार कर रहे थे.
गुरुवार को शुरुआती कारोबार में चांदी के ईटीएफ में भारी गिरावट देखी गई, जो 21% तक गिर गए. एक्सिस सिल्वर ईटीएफ में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह पिछले बंद भाव 275 रुपये के मुकाबले गिरकर 216.86 रुपये पर आ गया. हालांकि बाद में इसमें रिकवरी आई और 13 फीसदी गिरावट पर आ गया. DSP सिल्वर ईटीएफ, SBI सिल्वर ईटीएफ और कोटक सिल्वर ईटीएफ सहित अन्य ईटीएफ में भी सत्र के दौरान 16-17% की गिरावट दर्ज की गई.
निप्पॉन गोल्ड ईटीएफ में 4 फीसदी की गिरावट देखी गई, जबकि शुरुआती कारोबार में टाटा गोल्ड ईटीएफ में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई. हालांकि रिकवरी के बाद टाटा गोल्ड ईटीएफ 3 फीसदी चढ़कर कारोबार कर रहा था.
एमसीएक्स पर सोने-चांदी के भाव
गुरुवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत करीब 24000 रुपये टूटकर 2.40 लाख रुपये पर आ गई और सोने के भाव करीब 1400 रुपये गिरकर 1.48 लाख रुपये पर आ गए. सोने और चांदी के भाव में यह गिरावट दो दिनों तक की लगातार तेजी के बाद आई है.
क्यों आई सोने-चांदी के भाव में गिरावट?
गुरुवार को ग्रीनबैक लगभग दो हफ्ते के हाई पर पहुंच गया, जिससे दूसरी करेंसी वालों के लिए डॉलर में कीमत वाला सोना महंगा हो गया और कीमती धातुओं से गिर गई. वहीं इन्वेस्टर फेड चेयर के तौर पर केविन वॉर्श के नॉमिनेशन को लेकर सोने-चांदी में गिरावट की उम्मीद लगा रहे हैं और डॉलर में तेजी, जिस कारण सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है.
वहीं जियो पॉलिटिकल टेंशन कम होता दिख रहा है. अधिकारियों ने पुष्टि की कि ईरान और US शुक्रवार को ओमान में बातचीत करने पर सहमत हुए हैं, जिससे परमाणु तनाव कम हो सकता है. इस कारण सोने-चांदी सेफ निवेश को सेंटिमेंट बिगड़ा.
एशियाई बाजारों में बुलियन की कीमतों में तेज गिरावट का एक कारण बुधवार को US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच फोन कॉल भी रहा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह कॉल 'बहुत पॉज़िटिव' थी, शी के साथ उनके रिश्ते 'बहुत अच्छे' हैं और हम दोनों समझते हैं कि इसे ऐसे ही बनाए रखना कितना जरूरी है.
क्या करें निवेशक?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप सोने और चांदी में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो लॉन्गटर्म के नजरिए के हिसाब से अभी एंट्री ले सकते हैं, लेकिन अगर शॉर्ट टर्म के लिए खरीदारी पर बड़ी गिरावट का इंतजार करना चाहिए और कभी भी पूरा कैपिटल गोल्ड या सिल्वर खरीदने में नहीं खर्च कर देना चाहिए, बल्कि थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी करनी चाहिए, जो आपके पोर्टफोलियो का 10 से 20 फीसदी हो सकता है.
(नोट- किसी भी ईटीएफ में खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क