भारत समेत अमेरिका के लिए आज खास दिन है, क्योंकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप टैरिफ पर बड़ा फैसला आ सकता है. दुनिया भर के शेयर बाजार की भी नजर इसी फैसले पर अटकी है. अगर ट्रंप के हक में यह फैसला आता है तो शेयर बाजार में और दबाव दिख सकता है, लेकिन अगर ट्रंप के हक में फैसला नहीं आता है तो शेयर बाजारों में शानदार उछाल देखी जा सकती है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि अगर ये फैसला उनके खिलाफ आता है तो अमेरिका बर्बाद हो जाएगा. वहीं एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि अगर ट्रंप के पक्ष में फैसला आता है तो पूरी दुनिया में हलचल मच सकती है. खासकर शेयर बाजार में इसका बड़ा इम्पैक्ट पड़ सकता है.
आज ट्रंप टैरिफ पर क्या होने वाला है?
दरअसल, ट्रंप टैरिफ पर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला सुनाने जा रही है. सुप्रीम कोर्ट बुधवार को ये फैसला लेगी क्या अमेरिकी राष्ट्रपति के पास ये अधिकार हैं कि वो किसी भी देश पर मनमाने तरीके से टैरिफ लगा सकते हैं, जैसे कि ट्रंप ने लगाए हैं. ट्रंप ने IEEPA (International Emergency Economic Powers Act) नाम के कानून के तहत भारत समेत कई देशों पर हैवी टैरिफ लगाया है.
लेकिन कई राज्य और आयतक कंपनियों ने ये दावा किया है कि राष्ट्रपति के पास ऐसे टैरिफ लागू करने का अधिकार संविधान या कानून में स्पष्ट रूप से नहीं है. इन्हीं सभी शिकायतों पर सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला सुनाने जा रहा है और भारतीय समय के अनुसार रात साढ़े 8 बजे के बाद टैरिफ पर फैसला आ सकता है.
ट्रंप के खिलाफ आया फैसला तो क्या होगा?
अगर सुप्रीम कोर्ट इन टैरिफ को अवैध ठहराता है तो अमेरिका को अरबों डॉलर का टैक्स कंपनियों को वापस करना पड़ सकता है. साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप से टैरिफ लगाने का अधिकार भी कम हो सकता है. फैसला ट्रंप के पक्ष में नहीं आने से दूसरे देशों से वसूले गए 250 अरब डॉलर अमेरिका वापस करेगा. साथ ही 500% नया टैरिफ बिल भी रद्द हो सकता है.
इस फैसले से भारत और चीन के शेयर बाजार में शानदार तेजी भी दिखाई देगी. साथ ही अमेरिका में भारत और चीन से एक्सपोर्ट की संख्या भी बढ़ेंगी. भारत का एक्सपोर्ट कारोबार में अच्छी उछाल की उम्मीद है.
फैसले में क्या है उम्मीद?
अमेरिकी सट्टा बाजार में चर्चा है कि सुप्रीम कोर्ट फैसला ट्रंप के खिलाफ सुना सकता है. इसके पीछे कई तर्क दिए जा रहे हैं. सबसे बड़ा तर्क है कि संविधान के अनुसार टैरिफ या ड्यूटी लाने का अधिकार मूल रूप से कांग्रेस के पास है, न कि सीधे राष्ट्रपति के पास है. यह भी कहा जा रहा है कि जिस कानून का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप ने ये टैरिफ लगाया है, वह राष्ट्रपति को इतने व्यापक टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देती है.
आजतक बिजनेस डेस्क