भारत से तनाव के बीच पाकिस्तान (India-Pakistan Tension) ने चीन से बड़ी डील की है, जिसे पाकिस्तान अपनी एक उपलब्धियों के तौर पर गिना रहा है. पाकिस्तान ने व्यापार, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्रियल समेत कई खास सेक्टर्स पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति दी है. यह डील ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तानी मीडिया अपने देश की अर्थव्यवस्था पर बातें करना शुरू कर चुकी है.
पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का बुरा हाल है. उद्योग-धंधे चौपट हो चुके हैं और शहबाज शरीफ सरकार चार इंटरनेशनल बैंकों से अरबों डॉलर का लोन लेने की तैयारी कर रही है. चीन से व्यापार डील का ऐलान पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की मंगलवार को चीन में वांग यी से मुलाकाल के बाद की गई.
PTI की रिपोर्ट के अनुसार, इशाक डार ने वांग को नवीनतम स्थिति और पाकिस्तान के विचारों से अवगत कराया, क्योंकि चार दिनों तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद पाकिस्तान और भारत संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए थे. वांग के अलावा डार ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के इंटरनेशन डिपॉर्टमेंट (IDCPC) के प्रभावशाली मंत्री लियू जियानचाओ से भी मुलाकात की और भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के अलावा 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के भारत के फैसले पर भी चर्चा की.
व्यापार, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री पर डील
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि चीन से मीटिंग में उसने न सिर्फ आर्थिक डील को मजबूत किया है, बल्कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को अफगानिस्तान तक बढ़ाने का भी फैसला किया है. इसके अलावा, दोनों देशों ने स्थिरता और शांति बनाए रखने के लिए भी चर्चा की है. अगली बैठक भी तय की गई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन और पाकिस्तान ने व्यापार, निवेश, कृषि, औद्योगिकीकरण और अन्य सेक्टर्स में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.
चीन के इंफ्रा को बढ़ाने का फैसला
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि दार और वांग ने अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के साथ बीजिंग में एक बैठक की. नेताओं ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को अफगानिस्तान तक बढ़ाने और चीन के इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए और सहयोग करने का फैसला किया है.
पाकिस्तान पर नया संकट
पाक मीडिया ARY न्यूज की रिपोर्ट है कि पाकिस्तान न सिर्फ अपने तय किए गए आर्थिक विकास के लक्ष्यों से पिछड़ गया है, बल्कि एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं के दरवाजे पर हाथ फैलाने को मजबूर है. पाकिस्तान ने 4.9 अरब डॉलर के वाणिज्यिक कर्ज की भी योजना बना रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ दर 3.6% के अनुमान के मुकाबले सिर्फ 2.68% रही है.
आजतक बिजनेस डेस्क