नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ लॉन्च करने की तैयारियां जोरों पर हैं. बीते दिनों NSE Chairaman आशीष चौहान ने भी इसके जल्द पेश किए जाने से जुड़ा अपडेट शेयर किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में दस्तक देने के लिए तैयार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इश्यू भारतीय अरबपतियों राधाकिशन दमानी से लेकर अजीम प्रेमजी सहित तमाम अरबपति निवेशकों की दौलत में इजाफा कर सकता है. सिर्फ इन दोनों अरबपतियों को 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के मूल्य को अनलॉक करने का रास्ता खोलेगा.
अजीम प्रेमजी के पास इतनी हिस्सेदारी
NSE के ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न को देखें, तो पता चलता है कि पीआई अपॉर्चुनिटीज फंड-I इसके टॉप शेयरहोल्डर्स में शामिल है. पीआई अपॉर्चुनिटीज फंड, दरअसल, भारतीय अरबपति और विप्रो फाउंडर अजीम प्रेमजी की कंपनी Premji Invest की एक सब्सिडियरी कंपनी है, जो निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश यूनिट है और प्रेमजी फाउंडेशन की परोपकारी पहलों का समर्थन करती है. इस कंपनी का कंट्रोल Azim Premji के पास है.
31 दिसंबर 2025 तक इस फंड के पास सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में 5,98,00,000 शेयर थे, जो एनएसई की 2.38% हिस्सेदारी को दर्शाता है. 2,080-2,100 रुपये प्रति शेयर के नॉन-लिस्टेड मार्केट पर इस शेयरहोल्डिंग की वैल्यू करीब 12,438-12,558 करोड़ रुपये होती है.
आरके दमानी के पास NSE के इतने शेयर
अजीम प्रेमजी के बाद बात करें, एवेन्यू सुपरमार्ट्स के प्रमोटर और कई लिस्टेड कंपनियों में दिग्गज निवेश करने वाले आरके दमानी (RK Damani) के बारे में, तो उनके पास 31 दिसंबर 2025 तक एनएसई में 3,90,84,400 शेयर (4:1 बोनस के बाद) या 1.58% हिस्सेदारी थी. नॉन लिस्टेड मार्केट वैल्यू के हिसाब से कैलकुलेट करें, तो उनकी स्टेकहोल्डिंग की वैल्यू करीब 8,130-8,207 करोड़ रुपये है.
कितनी है दोनों अरबपतियों की संपत्ति?
बात करें, इन दोनों भारतीय अरबपतियों की संपत्ति के बारे में, तो ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, राधाकिशन दमानी की कुल संपत्ति (Radhakishan Damani Networth) 16.9 अरब डॉलर है. , जबकि अजीम प्रेमजी की व्यक्तिगत संपत्ति (Azim Premji Networth) 24.7 अरब डॉलर है. कुछ रिपोर्ट्स की मानें, तो राधाकिशन दमानी का नाम पहली बार दिसंबर 2020 में एनएसई के शेयरधारकों की लिस्ट में देखने को मिला था. वहीं प्रेमजी इन्वेस्ट ने 2008 में इसमें निवेश की शुरुआत की थी.
7-8 महीनों में आ सकता है NSE IPO!
NSE IPO के बारे में बात करें, तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अगले 7-8 महीनों में अपना आईपीओ लॉन्च कर सकता है. इसके ड्राफ्ट पेपर लगभग तीन महीनों में दाखिल किए जाएंगे और मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) से अगले 3-5 महीनों में मंजूरी मिल सकती है. इनक्रेड मनी के एनालिस्ट का कहना है कि एनएसई की प्रचलित गैर-सूचीबद्ध कीमत से लगभग 5.1-5.2 लाख करोड़ रुपये का वैल्यूएशन पता चलता है.
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72% हिस्सेदारी के साथ एनएसई का सबसे बड़ा शेयरहोल्डर है. इसके बाद अरंडा इन्वेस्टमेंट्स मॉरीशस प्राइवेट लिमिटेड 4.54%, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड 4.44%, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड 4.33% और वेरैसिटी इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड 3.93% स्टेकहोल्डिंग है.
IPO समिति में कौन-कौन?
एनएसई बोर्ड ने हाल ही में आईपीओ समिति के पुनर्गठन को मंजूरी दी है. पुनर्गठित समिति की अध्यक्षता तबलेश पांडे कर रहे हैं और इसमें जनहित निदेशक श्रीनिवास इंजेती, प्रोफेसर ममता बिस्वाल, न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) अभिलाषा कुमारी, प्रोफेसर जी. शिवकुमार और एनएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ आशीषकुमार चौहान शामिल हैं.
(नोट- शेयर बाजार या किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क