कमर्शियल एलपीजी संकट के बीच दिग्गज आईटी कंपनी ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) दे दिया है. यह फैसला HCL टेक ने अपने चेन्नई ऑफिस के लिए लिया है. यहां पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया गया है.
सीनियर अधिकारियों के हवाले से बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण व्यावसायिक एलपीजी की कमी से कैफेटेरिया का कामकाज बाधित होने के बाद एचसीएलटेक ने चेन्नई कार्यालय में अपने कर्मचारियों को 12-13 मार्च को घर से काम करने का विकल्प दिया है.
लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि एलपीजी की मौजूदा कमी के कारण कई कैफे विक्रेता अपना कारोबार नहीं कर पा रहे हैं. हालांकि, एचसीएलटेक अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जिसे मौजूदा संघर्ष के कारण खाद्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
इन कंपनियों ने भी किया अलर्ट
एचसीएल के अलावा, भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने भी बुधवार को अपने कर्मचारियों को अलर्ट किया और कहा कि पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई स्थित उसके सभी परिसरों में फूड कोर्ट सेवाओं में अस्थायी रुकावट रहेगी. कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल के अनुसार, LPG सिलेंडर की कमी के कारण इंफोसिस कैंटीन का मेनू सीमित रहेगा और खाना बाहर से मंगाया जाएगा. इसमें यह भी कहा गया है कि डोसा और आमलेट जैसे व्यंजन बनाने वाले लाइव काउंटर अगली सूचना तक अस्थायी रूप से बंद रहेंगे.
पुणे के कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में लिखा था कि फूड कोर्ट के विक्रेताओं को फिलहाल उनके संबंधित आपूर्तिकर्ताओं से एलपीजी की आपूर्ति कम मिल रही है. सभी फूड कोर्ट अस्थायी रूप से लिमिटेड मेनू के साथ ऑपरेट होंगे. कुछ पका हुआ खाना बाहर से मंगवाया जाएगा. बिजली के उपकरणों/बायोफ्यूल के माध्यम से खाना पकाने के वैकल्पिक तरीकों को बढ़ाया जाएगा.
सरकार ने एलपीजी को लेकर क्या कदम उठाए?
इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बयान को दोहराया कि भारत एलपीजी की कमी से उसी तरह निपटेगा जैसे उसने कोविड-19 महामारी के दौरान किया था. उन्होंने कहा कि हमने महामारी के दौरान स्थिति को संभाला है और हम इसे भी संभाल लेंगे. कांग्रेस दिनभर भ्रम फैलाने का काम करती है. कांग्रेस के पास करने के लिए और कुछ नहीं है.
सरकार ने घरों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA) लागू किया है, जबकि कमर्शिलय सिलेंडर सेल पर रोक लगा दिया है.
रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और 8 मार्च से उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग अवधि भी 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है और राज्य सरकारों को कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया है.
आजतक बिजनेस डेस्क