सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी जारी है. सबसे ज्यादा चांदी ने निवेशकों को चौंकाया है, महज दो दिन में चांदी 60,000 रुपये से ज्यादा महंगी हुई है. वहीं इस दौरान सोना 12000 रुपये से ज्यादा चढ़ चुका है. इतनी बड़ी उछाल तब आई है, जब अमेरिकी सेना ईरान की ओर बढ़ रही है और डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान को चेतावनी दे रहे हैं. दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपने रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया है.
इन दोनों घटनाओं के अलावा, इंटरनेशनल मार्केट में सोना और चांदी एक बार फिर अपने रिकॉर्ड लेवल पर कारोबार कर रहे हैं. भारतीय करेंसी भी दबाव में दिखाई दे रही है. दो दिनों के दौरान इन सभी घटनाओं के कारण गुरुवार को MCX पर सोना-चांदी फ्रेश ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए.
गुरुवार को सोने-चांदी में रिकॉर्ड तेजी
गुरुवार को मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर शाम 5 बजे चांदी का भाव 31000 रुपये चढ़कर 4,17,000 रुपये अपने ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था, जबकि सोने का भाव करीब 9000 रुपये चढ़कर 1,75,00 रुपये पर पहुंच गया है, वहीं ट्रेडिंग के दौरान सोना अपने नए रिकॉर्ड हाई 1,80,000 रुपये तक पहुंच गया था.
वहीं पिछले दो दिनों के आंकड़ों को देखा जाए तो 27 जनवरी को चांदी 3.56 लाख रुपये पर थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर 4.16 लाख रुपये हो गई. यह दो दिनों में 60 हजार रुपये की तेजी को दिखाता है. इसी तरह, सोना 27 जनवरी को 1.68 लाख रुपये पर था, जो 12000 रुपये चढ़कर 1.80 लाख रुपये पर पहुंच गया.
इस बीच एक्सपर्ट कह रहे हैं कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो चांदी की कीमत 5 लाख रुपये प्रति किलो तक भी पहुंच सकती है. यानी मौजूदा से भाव 20 फीसदी कीमतें और बढ़ती हैं तो चांदी 5 लाख रुपये तक जा सकती हैं. लेकिन अब चांदी खरीदना जोखिम भरा कदम भी हो सकता है.
सोना-चांदी निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
आर्थिक सर्वेक्षण में सोने और चांदी के दाम में स्थिरता रहने की उम्मीद है और आगे भी तेजी आ सकती है. वहीं विश्लेषकों का मानना है कि 2025 में देखी गई तेज ग्रोथ शायद बरकरार न रहे, लेकिन कीमती धातुओं की ऊंची कीमतें महंगाई को प्रभावित कर सकती हैं.
विश्व बैंक के कमोडिटी प्राइस आउटलुक ने वित्त वर्ष 2027 में वैश्विक कमोडिटी कीमतों में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया है, जिसका मुख्य कारण अधिक आपूर्ति और कच्चे तेल की कम कीमतें हैं. यह आउटलुक मध्यम अवधि के वैश्विक विकास के कमजोर माहौल को दिखाता है. इसमें निगेटिविटी हावी है और मांग मामूली बनी हुई है. एक्सपर्टस अभी नए निवेशकों को सोने-चांदी में निवेश को लेकर सतर्क कर रहे हैं.
(नोट- सोने और चांदी में निवेश से पहले योग्य मार्केट एक्सपर्ट्स से सलाह लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क