दो दिनों तक गिरावट के बाद शुक्रवार को सोने-चांदी के भाव में फिर तेजी देखी जा रही है. चांदी 7000 रुपये से ज्यादा चढ़कर कारोबार कर रही है और सोने के दाम में भी तेजी देखी जा रही है. जबकि 3 दिनों के दौरान चांदी के भाव 22000 रुपये कम हुए थे. इस सिचुएशन को देखकर यह सवाल उठ रहा है कि आखिरी सोने-चांदी के भाव में इतना उतार-चढ़ाव क्यों हो रहा है?
मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) पर 11.25 बजे 5 मार्च वायदा के लिए चांदी का भाव 7,468 रुपये चढ़कर 2,43,341 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया. इसी तरह, सोने के भाव में भी तेजी रही, जो 5 फरवरी वायदा के लिए 1011 रुपये चढ़कर 1,36,815 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था.
क्यों आ रही इतनी तेजी और गिरावट?
कमोडिटी मार्केट के जानकारों का कहना है कि चांदी साल 2025 में 150 फीसदी तक चढ़ चुकी है और सोने के दाम भी करीब 70 फीसदी तक चढ़े हैं. अब सोने चांदी के भाव रिकॉर्ड हाई के करीब कारोबार कर रहे हैं. सोने-चांदी के भाव उच्चे लेवल पर रहने के कारण निवेशक सतर्क हैं, जिस कारण एक दिन जब सोने-चांदी के भाव में तेजी आती है तो बिकवाली होती है. लेकिन जब एक ही दिन में ज्यादा भाव गिर जाते हैं तो कमाई की इच्छा से निवेशक खरीदारी में जुट जाते हैं, ताकि उन्हें गिरावट पर कम प्राइस में खरीदने का लाभ मिले.
सोने-चांदी के भाव में क्यों आ रही तेजी?
चीन की वजह से बढ़ रहे चांदी के दाम
चीन ने 1 जनवरी 2026 से सिल्वर एक्सपोर्ट पर नियम लागू कर दिया है, जिसके तहत अब सिर्फ सरकारी लाइसेंस के बाद ही चांदी को दूसरे देशों में एक्सपोर्ट किया जा सकता है. इसके बिना किसी भी कंपनी को चांदी विदेश भेजने की मंजूरी नहीं होगी. चीन डायरेक्ट और इनडायरेक्ट तरीके से ग्लोबल सिल्वर का 60 से 70 फीसदी हिस्सा कंट्रोल करता है. ऐसे में चीन के इस फैसले से ग्लोबल स्तर पर चांदी की डिमांड बढ़ा देगी और कीमतें ऊपर की ओर चढ़ जाएंगी.
रिकॉर्ड हाई के कितने करीब सोने-चांदी के भाव?
सोने को रिकॉर्ड हाई प्राइस 1,40,465 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो घटकर 1,36,815 रुपये पर है यानी गोल्ड रेट में करीब 3,500 रुपये की कमी आई है. इसी तरह, चांदी का रिकॉर्ड हाई प्राइस 2,54,174 रुपये है, जो घटकर 2,43,341 रुपये प्रति किलो पर है. ऐसे में देखा जाए तो चांदी के दाम में करीब 11000 रुपये की कटौती हुई है.
आजतक बिजनेस डेस्क