मल्टी कमोडिटी मार्केट में सोना और चांदी की कीमत में रिकॉर्डतोड़ इजाफा हो रहा है. इस सप्ताह सोने-चांदी की कीमतों में निरंबर तेजी की रही है, जो मजबूत निवेशक मांग, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक नीतिगत अनिश्चितता के चलते आई है.
MCX पर सोने ने 15 दिनों में ही 5 प्रतिशत से अधिक तेजी दिखाई है, जबकि 1 साल में यह 80 फीसदी चढ़ा है. चांदी ने तो और भी शानदार तेजी दिखाई है. इस साल अबत क यह 15 फीसदी से ज्यादा चढ़ी है और 190 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे चुकी है.
सोने-चांदी के अभी क्या हैं रेट्स?
बुधवार को MCX पर सोने की कीमत सर्वकालिक उच्च स्तर 1,43,590 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जबकि चांदी की कीमत बढ़कर रिकॉर्ड स्तर 2,91,406 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. घरेलू बाजार में सोने की कीमत लगभग 0.67 प्रतिशत बढ़कर 1,43,201 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई, जबकि चांदी की कीमत लगभग 5 प्रतिशत बढ़कर 2,89,000 रुपये प्रति किलो हो गई.अब सवाल है कि क्या इस स्तर पर भी सोने और चांदी में खरीदारी की जा सकती है? आइए समझते हैं...
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?
बाजार के जानकारों का मानना है कि जियो-पॉलिकिल टेंशन और व्यापक आर्थिक कारकों के मिले-जुले प्रभाव से शेयर बाजार में लगातार तेजी आ रही है. रिद्धि सिद्धि बुलियंस के प्रबंध निदेशक और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि यह तेजी वैश्विक राजनीतिक स्थिरता और संस्थागत विश्वसनीयता को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण है.
कोठारी ने कहा कि फेड रिजर्व द्वारा रेपो रेट में कटौती को लेकर अनिश्चितताओं, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार से जुड़े नए रिस्क ने निवेशकों को परेशान किया है. वेनेजुएला में अमेरिका की बढ़ती भागीदारी और ईरान में अशांति के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी के चलते बुलियन की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग मजबूत हुई है.
यह कमोडिटी के लिए परिवर्तन का साल
मोतीलाल ओसवाल ने कमोडिटी के लिए परिवर्तन का साल बताया है. ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीद, निवेशकों की स्थिर मांग, खदानों से आपूर्ति में सीमित वृद्धि और स्क्रैप फ्लो में कम बदलाव के कारण साल की शुरुआती हिस्से में सोने और चांदी का रणनीतिक महत्व बना रहेगा.
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की उपाध्यक्ष और एस्पेक्ट ग्लोबल वेंचर्स की कार्यकारी अध्यक्ष अक्षा कंबोज ने कहा कि सीजन की डिमांड और सुरक्षित निवेश के कारण सोने की कीमतों को काफी सपोर्ट मिला है. आगे भी ग्लोबल तनाव के कारण इसमें तेजी बनी रहेगी.
कहां तक जाएंगे सोना और चांदी?
विश्लेषकों का कहना है कि तेजी के बाजारों में चांदी आमतौर पर सोने की तुलना में 1.5 से 2 गुना अधिक बढ़ती है और यह पैटर्न मौजूदा सत्र में साफ तौर पर दिख रहा है. SAMCO सिक्योरिटीज ने अनुमान लगाया है कि MCX चांदी की कीमतें समय के साथ ₹3.94 लाख प्रति किलो तक जा सकती हैं. वहीं मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि सोने की कीमतें 1.60 लाख तक जा सकती हैं.
(नोट- सोना या चांदी के निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क