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कर्मयोगी बनेंगे इंडिया पोस्ट के 4 लाख कर्मचारी, ड्रोन से होगी पार्सल की डिलीवरी

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2022,
  • अपडेटेड 2:58 PM IST
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भारतीय डाक विभाग के करीब 04 लाख कर्मचारियों को मिशन कर्मयोगी के तहत ट्रेनिंग मिलने वाली है. मिशन कर्मयोगी की शुरुआत मंगलवार 28 जून को होने वाली है. इस योजना का लक्ष्य पोस्टल डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को काम के लिहाज से लोगों के अनुकूल बनाना है. उन्हें मिशन के तहत इस बात की ट्रेनिंग दी जाएगी कि कैसे आम लोगों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाता है और बिना टाल-मटोल के उनके काम निपटाए जाते हैं.

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केंद्रीय मंत्री देवुसिंह चौहान ने इसकी जानकारी रविवार को दी. उन्होंने कहा कि पोस्टल डिपार्टमेंट में पहले से कई बड़े सुधार किए जा रहे हैं. डिपार्टमेंट ने इंडियन रेलवे के साथ मिलकर ज्वाइंट पार्सल डिलीवरी सर्विस की शुरुआत की है. इसके तहत दोनों सरकारी विभाग मिलकर लोगों को उनके दरवाजे तक सामानों की डिलीवरी दे रहे हैं. इसके अलावा गुजरात के कच्छ जैसे इलाकों में ड्रोन से सामानों की डिलीवरी की जा रही है.

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मंत्री मणिपुर के इम्फाल और चंदेल जिलों के दो दिवसीय दौरे पर हैं. उन्होंने कहा, 'डाक विभाग सबसे भरोसेमंद संगठनों में से एक है, जो नागरिकों को सेवा प्रदान कर रहा है. डाककर्मी और 2.5 लाख ग्रामीण डाक सेवक विभाग के फ्रंट वर्कर्स हैं और वे हर नागरिक को उनके दरवाजे पर सेवा मुहैया करा रहे हैं. इसी सिलसिले को आगे बढ़ाने के लिए 28 जून को मिशन कर्मयोगी की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत 04 लाख डाककर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा.'

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आपको बता दें कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के पास अकेले पूर्वात्तर भारत में कुल 10.97 लाख अकाउंट हैं, जिनमें 71.27 करोड़ रुपये जमा हैं. इनमें से ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में हैं. मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सर्विस इस लिहाज से अहम है कि 6 लाख गांवों में से करीब 25 हजार गांवों में अभी भी मोबाइल कवरेज नहीं है. अब इन गांवों में अतिरिक्त मोबाइल टावर लगाने की एक योजना तैयार की जा रही है.

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संचार विभाग में राज्यमंत्री चौहान ने बताया कि पूर्वोत्तर भारत में दूरसंचार की सुविधाएं बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तरी राज्यों में कुल 42,996 गांव हैं. इनमें से 38,455 गांवों को पहले ही कवर किया जा चुका है. यूनिवर्सल सर्विसेज ऑब्लिगेशन फंड स्कीम के तहत अतिरिक्त 1,632 मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं.

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मंत्री के अनुसार, 'मणिपुर में पिछले 04 साल के दौरान इंटरनेट यूजर्स की संख्या 62 फीसदी बढ़ी है. राज्य के 7 जिलों के 325 ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा चुका है. इन्हें भारतनेट स्कीम के तहत ऑप्टिकल फाइबर सर्विस मिली है. इसके अलावा राज्य के 2,515 गांवों में से 2,174 गांवों को मोबाइल कवरेज मिल चुका है. बाकी बचे 341 गांवों में टावर लगाने का प्रस्ताव पहले ही किया जा चुका है.'

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चंदेल जिले के बारे में मंत्री ने बताया कि पर्वतीय इलाका होने के बाद भी जिले के 266 गांवों में से 217 गांवों को मोबाइल कवरेज मिल चुका है. दूरसंचार विभाग जल्दी ही बाकी बचे 49 गांवों में मोबाइल टावर लगाने की तैयारी में है. इसी तरह जिले के 156 ग्राम पंचायतों को सैटेलाइट से कनेक्ट किया जा चुका है. बाकी पंचायतों को भारतनेट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत आने वाले समय में कनेक्ट किया जाएगा.