1 फरवरी को आम बजट पेश करने वाली है. 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले पेश किए जा रहे इस बजट के लोकलुभावन होने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार को ऐसा नहीं लगता. राजीव ने कहा कि यह बजट लोकलुभावन नहीं होगा, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा की स्कीमों को बेहतर करने के लिए पेश किया जाएगा.
2019 में को देखते हुए मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि यह बजट लोकलुभावन होगा. इस पर राजीव कुमार ने कहा कि मैं ये पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह बजट लोकलुभावन नहीं होगा.
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस सरकार और के बारे में ये अच्छी बात है कि वह कोई भी बजट एक्सरसाइज लोकलुभावन बजट लाने के लिए नहीं करती.
राजीव ने कहा कि मोदी सरकार बजट इसलिए पेश नहीं करती, ताकि वो दूसरों की तरह ले सके. इसलिए इस बार भी मोदी सरकार ऐसा नहीं करेगी. मुझे उम्मीद है कि बजट उन सेक्टर्स पर फोकस होगा, जिन्हें सुधार की जरूरत है.
बजट पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अर्थशास्त्रियों के साथ 10 जनवरी को बैठक करेंगे. इसमें अर्थव्यवस्था के हालात को लेकर चर्चा होगी.
इस बैठक में पीएम मोदी के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, वाइस चेयरमैन राजीव कुमार, इकोनॉमिक एडवायजरी काउंसिल टू प्राइम मिनिस्टर के चेयरमैन बिबेक देबरॉय समेत अन्य शामिल होंगे.
कुमार ने इस बैठक के एजेंडे के बारे में भी बताया. उन्होंने बताया कि यह बैठक परंपरा का हिस्सा है. हमारी कोशिश ये है कि हम बजट से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों के विचार और सुझाव जुटा सकें.
बता दें कि संसद का बजट सेशन होगा और 9 फरवरी तक चलेगा. इसके बाद दूसरा सेशन 5 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेगा. 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा.
विकास जोशी