बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में आज एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय पल का साक्षी बनने जा रहा है. कल्याणपुर प्रखंड के राजपुर पंचायत अंतर्गत कैथवलिया गांव में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है.
देश-विदेश से आए साधु-संतों और प्रकांड विद्वानों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग की पूजा-अर्चना की जा रही है. इस पुनीत कार्य में आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र सायन कुणाल अपनी सांसद धर्मपत्नी शाम्भवी चौधरी के साथ यजमान की भूमिका निभा रहे हैं.
तमिलनाडु में हुआ निर्माण, बिहार में हो रही स्थापना
बताया गया है कि इस विशाल शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम में किया गया था. करीब 33 फीट ऊंचा यह शिवलिंग पूरी तरह से ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है और इसका वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है. इसे विश्व का सबसे बड़ा एकल शिवलिंग माना जा रहा है.
इस शिवलिंग को 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर में नवनिर्मित विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित किया जा रहा है. शिवलिंग की स्थापना को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और दूर-दूर से लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
महावीर मंदिर ट्रस्ट कर रहा है निर्माण कार्य
इस भव्य परियोजना का निर्माण कार्य महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा कराया जा रहा है. ट्रस्ट की पूरी टीम लगातार इस प्रोजेक्ट की निगरानी और समीक्षा कर रही है ताकि शिवलिंग की स्थापना पूरी धार्मिक विधि-विधान और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो.
ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेगा चंपारण
स्थापना से पहले सभी देवी-देवताओं का आवाहन कर विधिवत पूजा-अर्चना की जा रही है. माना जा रहा है कि आज शिवलिंग को उसके निर्धारित गंतव्य स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा, जिसके साथ ही चंपारण की धरती एक बार फिर इतिहास रच देगी.
इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उनके मंत्रिमंडल के कई मंत्री और विधायक भी मौजूद रहेंगे. शिवलिंग की स्थापना के बाद हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी और देश की कई पवित्र नदियों के जल से बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक भी किया जाएगा.
सचिन पांडेय