पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव इन दिनों पटना के बेऊर जेल में बंद हैं. 31 साल पुराने मामले में उन्हें सोमवार को पटना स्थित स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई थी. हालांकि, 6 फरवरी को गिरफ्तारी के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने एक नया मामला दर्ज किया है, जिसमें उन्हें अब तक जमानत नहीं मिल सकी है.
इस नए मामले में पप्पू यादव की ओर से दायर जमानत याचिका पर आज सुनवाई होनी है. ऐसे में यह उम्मीद जताई जा रही है कि यदि अदालत से राहत मिलती है तो उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो सकता है.
इधर, पप्पू यादव के खिलाफ पुराने मामलों में भी कार्रवाई तेज हो गई है. एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने कोतवाली थाने से जुड़े दो आपराधिक मामलों में उनकी पेशी के लिए बेऊर जेल को प्रोडक्शन वारंट जारी किया है. यह अनुरोध अभियोजन पदाधिकारी की ओर से किया गया था. दोनों मामले कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़े हैं, जिनमें एक वर्ष 2017 और दूसरा 2019 में दर्ज किया गया था. बता दें कि अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी केस में जेल में है और उसी पर किसी दूसरे केस में भी सुनवाई होनी है, तो अदालत जेल अधीक्षक को आदेश देती है कि तय तारीख पर उस व्यक्ति को कोर्ट में पेश किया जाए. इसी आदेश को प्रोडक्शन वारंट कहते हैं.
उधर, पप्पू यादव ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और अपनी हत्या की साजिश की आशंका जताई है. मंगलवार को जब उन्हें एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, तो उन्होंने विशेष न्यायिक दंडाधिकारी से अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगाई. उन्होंने बंदी आवेदन में लिखा कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके साथ प्रताड़ना की और एक सांसद के साथ दुर्व्यवहार किया.
अदालत में पप्पू यादव ने कहा, 'साजिश के तहत मेरी हत्या कराई जा सकती है.' अब सबकी निगाहें आज होने वाली जमानत याचिका की सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि सांसद को फिलहाल राहत मिलती है या नहीं.
शशि भूषण कुमार