बिहार के वैशाली जिले में शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सराय थाना क्षेत्र के शीतल भकुरहर गांव में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान की आड़ में एक घर के अंदर अवैध शराब फैक्ट्री चलाई जा रही थी. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर इस अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया. इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव के बीच स्थित सुनील राय के घर में बड़े पैमाने पर विदेशी शराब का निर्माण किया जा रहा है. सूचना के बाद लालगंज एसडीपीओ गोपाल मंडल के नेतृत्व में सराय थाना पुलिस ने छापेमारी की. छापेमारी के दौरान यह पुष्टि हुई कि रिहायशी इलाके के बीचों-बीच अवैध शराब का उत्पादन और पैकिंग का काम चल रहा था.
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भारी मात्रा में शराब बनाने का सामान और स्प्रिट बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में खाली बोतलें, विभिन्न ब्रांड के शराब के रैपर, शराब बनाने की मशीन और कच्चा माल बरामद किया. इसके अलावा हजारों लीटर स्प्रिट भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग शराब बनाने में किया जा रहा था. बरामद सामानों से स्पष्ट है कि यहां बड़े स्तर पर नकली शराब तैयार की जा रही थी.
इस दौरान पुलिस ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बंगाल के एक मजदूर भी शामिल हैं. सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी मिल सके.
संगठित गिरोह के शामिल होने की आशंका, जांच जारी
पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है, जो लंबे समय से पीडीएस दुकान की आड़ में अवैध शराब का कारोबार चला रहा था. गांव के बीच संचालित इस फैक्ट्री से बड़े पैमाने पर शराब का उत्पादन और पैकेजिंग की जा रही थी, जिसे अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई किए जाने की आशंका है.
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस अवैध फैक्ट्री से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.
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