बिहार की राजधानी पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही 18 साल की छात्रा की मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. अब इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने मंगलवार को उस शंभू गर्ल्स हॉस्टल को सील कर दिया जहां बेहोश पाए जाने के बाद लड़की की संदिग्ध मौत हुई थी.
सील हुआ हॉस्टल
अधिकारियों के अनुसार, एसआईटी ने करीब आधे घंटे तक चित्रगुप्त नगर के हॉस्टल के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करने के बाद परिसर को सील किया.
कमरों के दरवाजों पर दिखे गंदे शब्द
हॉस्टल सील किए जाने से पहले आईजी जितेंद्र कुमार राणा के नेतृत्व में SIT की टीम, पटना एसपी कार्तिकेय शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे और पूरे परिसर की दोबारा सघन जांच की गई थी. जांच के दौरान टीम उस वक्त हैरान रह गई, जब हॉस्टल के कई कमरों के दरवाजों पर आपत्तिजनक और गंदे शब्द लिखे मिले. इसके अलावा हॉस्टल परिसर में कई संदिग्ध सामान भी नजर आए. पांच मंजिला इस इमारत में लिफ्ट, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाएं देखकर अधिकारी भी चौंक गए.
हॉस्टल छोड़ घरों को निकल गईं बाकी लड़कियां
घटना के बाद से हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं और उनके परिजनों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था. ऐसे में बीते सोमवार को ही बड़ी संख्या में छात्राओं के परिजन शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे और रातों रात अपनी-अपनी बेटियों का सामान समेटकर उन्हें वहां से ले गए. इसके बाद यह हॉस्टल लगभग पूरी तरह खाली हो गया है.
बता दें कि मृतक छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी. इसी महीने की शुरुआत में वह अपने हॉस्टल के कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी. उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई.
छात्रा के यौन शोषण और मर्डर का आरोप
छात्रा के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ यौन शोषण किया गया है और मामले को दबाने की कोशिश की गई. इन आरोपों के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे. मामले ने तूल पकड़ लिया और पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार कर लिया.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दावा किया गया कि छात्रा की मौत अत्यधिक नींद की गोलियां खाने के कारण हुई और वह टाइफाइड से भी पीड़ित थी. हालांकि, परिवार इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मामले की दोबारा जांच की मांग की.
अहम सबूत जुटाने की कोशिश
प्रशांत किशोर की इस मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने मामले की गहन जांच के लिए एसआईटी के गठन का आदेश दिया. एसआईटी ने पहले जहानाबाद जाकर छात्रा के परिजनों से पूछताछ की और अब पटना स्थित हॉस्टल को सील कर अहम सबूत जुटाने की कोशिश की जा रही है.
इस बीच, राजधानी पटना में नीट अभ्यर्थियों से जुड़ा एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है. प्रदर्शनी रोड स्थित एक हॉस्टल में रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली. वह औरंगाबाद जिले की रहने वाली थी. गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश कुमार मिश्रा के अनुसार, पीड़िता के परिवार की शिकायत पर एक युवक को हिरासत में लिया गया है, जिस पर हॉस्टल में घुसकर छात्रा से मारपीट करने का आरोप है.
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