दिग्गज समाजवादी नेता और जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत सरकार ने मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है. मोदी सरकार ने यह फैसला कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती से ठीक एक दिन पहले लिया है. बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर को फोन किया और बधाई दी है. पीएम ने कर्पूरी को याद भी किया है. पीएम ने सुबह करीब 9 बजे रामनाथ को कॉल किया था. रामनाथ ठाकुर जेडीयू से राज्यसभा सांसद हैं.
इससे पहले पीएम ने कहा कि मुझे इस बात की बहुत प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार ने सामाजिक न्याय के पुरोधा महान जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न से सम्मानित करने का निर्णय लिया है. उनकी जन्म-शताब्दी के अवसर पर यह निर्णय देशवासियों को गौरवान्वित करने वाला है. वहीं, केंद्र सरकार के इस फैसले पर कर्पूरी के बेटे रामनाथ ठाकुर ने कहा, 34 साल का संघर्ष है तब जाकर उनके पिता कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री को भी इस बारे में चिट्ठी लिखी थी. अब इसका ऐलान किया गया है तो इससे वो काफी खुश हैं. रामनाथ ठाकुर ने आजतक से बातचीत में कहा कि बहुत खुशी है कि उनके पिता को भारत रत्न सम्मान दिया जा रहा है, जो कि देश का सर्वश्रेष्ठ सम्मान माना जाता है.
'सामाजिक न्याय के समर्पित रहा जीवन'
पीएम का कहना था कि पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए कर्पूरी जी की अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व ने भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है. यह भारत रत्न न केवल उनके अतुलनीय योगदान का विनम्र सम्मान है, बल्कि इससे समाज में समरसता को और बढ़ावा मिलेगा. पीएम ने एक आलेख में कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी का पूरा जीवन सादगी और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा. वे अपनी अंतिम सांस तक सरल जीवनशैली और विनम्र स्वभाव के चलते आम लोगों से गहराई से जुड़े रहे. उनसे जुड़े ऐसे कई किस्से हैं, जो उनकी सादगी की मिसाल हैं.
'करोड़ों लोगों के जीवन में आया बदलाव'
प्रधानमंत्री ने बुधवार सुबह एक्स पर एक पोस्ट किया और कहा, देशभर के मेरे परिवारजनों की ओर से जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को उनकी जन्म-शताब्दी पर मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि. इस विशेष अवसर पर हमारी सरकार को उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. भारतीय समाज और राजनीति पर उन्होंने जो अविस्मरणीय छाप छोड़ी है, उसे लेकर मैं अपनी भावनाओं और विचारों को आपके साथ साझा कर रहा हूं. पीएम का कहना था कि मुझे कर्पूरी जी से कभी मिलने का अवसर तो नहीं मिला, लेकिन उनके साथ बेहद करीब से काम करने वाले कैलाशपति मिश्र जी से मैंने उनके बारे में बहुत कुछ सुना है. सामाजिक न्याय के लिए कर्पूरी बाबू ने जो प्रयास किए, उससे करोड़ों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया. उनका संबंध नाई समाज, यानि समाज के अति पिछड़े वर्ग से था. अनेक चुनौतियों को पार करते हुए उन्होंने कई उपलब्धियों को हासिल किया और जीवनभर समाज के उत्थान के लिए काम करते रहे.
'जेडीयू और आरजेडी ने खुशी जाहिर की'
वहीं, कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने का ऐलान होने के बाद बिहार में जेडीयू से लेकर आरजेडी तक ने केंद्र सरकार के फैसले पर खुशी जाहिर की है और धन्यवाद दिया है. नीतीश कुमार ने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री और महान समाजवादी नेता स्व. कर्पूरी ठाकुर जी को देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया जाना हार्दिक प्रसन्नता का विषय है. केंद्र सरकार का यह अच्छा निर्णय है. स्व. कर्पूरी ठाकुर जी को उनकी 100वीं जयंती पर दिया जाने वाला यह सर्वोच्च सम्मान दलितों, वंचितों और उपेक्षित तबकों के बीच सकारात्मक भाव पैदा करेगा. हम हमेशा से ही स्व. कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ देने की मांग करते रहे हैं. वर्षों की पुरानी मांग आज पूरी हुई है. इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को धन्यवाद.
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, वंचित, उपेक्षित, उत्पीड़ित और उपहासित वर्गों के पैरोकार, महान समाजवादी नेता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व॰ कर्पूरी ठाकुर जी को ‘भारत रत्न’ देने की हमारी दशकों पुरानी मांग पूरी होने पर अपार खुशी हो रही है। इसके लिए केंद्र सरकार को साधुवाद.
जहांगीर आलम