बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में SIT ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है. पटना सचिवालय की SDPO डॉ. अनु कुमारी के नेतृत्व में SIT टीम देर रात पीड़िता के पैतृक गांव पहुंची. टीम ने परिवार के पांच सदस्यों के ब्लड सैंपल लिए हैं. इनमें पीड़िता की मां, पिता, भाई और दो मामा शामिल हैं.
इस मामले में फॉरेंसिक साइंस लैब यानी FSL ने अपनी बायोलॉजिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है. रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के अंतःवस्त्र से शुक्राणु के निशान मिले हैं. इसके बाद पुलिस ने माना है कि छात्रा के साथ यौन शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. अब जांच एजेंसियों की प्राथमिकता उस संदिग्ध शख्स की पहचान करना है, जिसने छात्रा के साथ गलत किया हो सकता है.
SIT ने जांच की तेज
पटना पुलिस ने इस मामले में आधिकारिक बयान जारी किया है. चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 14/26 के तहत बताया गया कि 10 जनवरी 2026 को मृतका के परिजनों ने कुछ वस्त्र पुलिस को सौंपे थे. इन्हें विधि-सम्मत प्रक्रिया के तहत जब्त कर FSL भेजा गया. जांच में घटना के समय पहने गए एक अंतःवस्त्र से शुक्राणु के अवशेष मिले हैं. FSL अब डीएनए प्रोफाइल तैयार कर रही है.
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त और SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्धों के डीएनए सैंपल से इस प्रोफाइल का मिलान किया जाएगा. SIT के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे.
संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे
यह मामला तब सामने आया था, जब 6 जनवरी को जहानाबाद जिले की रहने वाली छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी. कमरा अंदर से बंद था. छात्रा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कोमा में रही और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बिल्डिंग मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया गया था.
शशि भूषण कुमार