बिहार के पटना में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद शम्भू गर्ल्स हॉस्टल को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. इस घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं और उनके परिजनों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है. बीती शाम बड़ी संख्या में छात्राओं के परिजन शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पहुंचे और अपनी-अपनी बेटियों का सामान समेटकर उन्हें वहां से ले गए. इसके बाद यह हॉस्टल लगभग पूरी तरह खाली हो गया है.
परिजनों का कहना है कि इस घटना ने उनके भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब वे अपनी बेटियों को पटना जैसे बड़े शहर में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने के लिए नहीं भेजेंगे. उनका कहना है कि आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब बेटियां घर पर रहकर ही करेंगी.
जब परिजनों से शम्भू गर्ल्स हॉस्टल की स्थिति के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर आरोप लगाए. परिजनों ने कहा कि यह हॉस्टल काफी खराब स्थिति में था.
परिजनों ने सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि जब बेटियां सुरक्षित नहीं हैं तो वे उन्हें बाहर भेजकर पढ़ाई कैसे करवा सकते हैं. एक अभिभावक ने कहा, 'सरकार कहती है बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, लेकिन मौजूदा हालात में हम अपनी बेटियों को बाहर कैसे भेजें? अब हम अपनी बेटियों को घर पर ही रखेंगे और पटना किसी भी हाल में नहीं भेजेंगे.'
राजेश कुमार झा