सीएम नीतीश का बड़ा फैसला, अब महिलाओं को मिलेगी 2 लाख तक की मदद

बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को बड़ी राहत दी है. पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये पाने वाली लाभुक महिलाओं को अब उनके काम के आकलन के बाद 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी. सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी है.

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Photo: X/@NitishKumar) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Photo: X/@NitishKumar)

शशि भूषण कुमार

  • पटना ,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

बिहार में विधानसभा चुनाव के दौरान गेम चेंजर साबित हुई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर नीतीश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. इस योजना की लाभुक महिलाओं को अब आगे की बड़ी किश्त देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता देना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला को उद्यमी के रूप में स्थापित किया जा सके. योजना के पहले चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रुपये की राशि दी गई थी. अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से यह राशि अंतरित की जा चुकी है.

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महिलाओं को मिलेगा 2 लाख तक का सहयोग

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डीबीटी के जरिए जल्द ही राशि भेजी जाएगी. इसके साथ ही योजना के तहत महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के छह माह बाद उनके कार्य मॉडल का आकलन किया जाएगा. आकलन के आधार पर आवश्यकता होने पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है.

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि चयनित लाभुकों को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. यह राशि चरणों में दी जाएगी, बशर्ते कि पहले दी गई राशि का रोजगार के लिए सही तरीके से उपयोग किया गया हो. यदि किसी महिला का रोजगार अच्छा चल रहा है तो आवश्यकता अनुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकती है.

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छह माह बाद काम के मॉडल का होगा आकलन

सरकार ने संबंधित विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि योजना के तहत महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की मार्केटिंग की समुचित व्यवस्था की जाए. इसके साथ ही इन लाभुक महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यों से जोड़ा जाएगा, जिनमें पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र और दीदी की रसोई जैसे कार्य शामिल हैं.

अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में पहुंची राशि

सरकार का मानना है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और राज्य के भीतर ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे. इससे रोजगार के लिए लोगों को मजबूरी में राज्य से बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी.
 

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