एक प्रोडक्ट पर 100 से 500 तक का प्रॉफिट... चुनाव में चमका मधुबनी पेंटिंग का कारोबार, राजनीतिक पार्टियों से खूब मिल रहे ऑर्डर

देश में हो रहे लोकसभा चुनाव में मधुबनी पेंटिंग (Madhubani painting) से बने सामानों की बिक्री बढ़ गई है. राजनीतिक पार्टियां (political parties) मधुबनी पेंटिंग से बनी शॉल, स्टॉल, अंग वस्त्र, पाग की जमकर खरीदारी कर रही हैं. मधुबनी पेंटिंग वाले उत्पाद बनाने वाली संस्था का कहना है कि एक नग पर सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की प्रॉफिट हो रही है.

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मधुबनी पेंटिंग वाले प्रोडक्ट दिखातीं इप्शा पाठक. मधुबनी पेंटिंग वाले प्रोडक्ट दिखातीं इप्शा पाठक.

मणि भूषण शर्मा

  • मुजफ्फरपुर,
  • 21 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 3:07 PM IST

Bihar News: आम चुनाव में मधुबनी पेंटिंग (Madhubani painting) से बने सामानों की खूब डिमांड है. मधुबनी पेंटिंग से जुड़े कलाकार काफी उत्साहित हैं. राजनीतिक मंचों पर अतिथियों को प्रतीक के रूप में मधुबनी पेंटिंग से बने सामानों को उपहार स्वरूप दिया जा रहा है. मिथिला या मधुबनी पेंटिंग से बिहार का जुड़ाव है. यहां हर बड़े राजनीतिक मंच पर अतिथियों का स्वागत ज्यादातर मधुबनी पेंटिंग से किया जा रहा है.

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चुनाव में मिथिला और मधुबनी कला (madhubani art) से सजी सामग्री का जमकर इस्तेमाल हो रहा है. बिहार की राजनीति में चुनावी घोषणा से लेकर टिकट बंटवारा और उसके बाद होने वाली जनसभाओं में प्रतीक चिह्न के रूप में देने के लिए मिथिला या मधुबनी पेंटिंग को पसंद किया जा रहा है.

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मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) की इप्शा पाठक आवरण नाम की संस्था चलाती हैं. इस संस्था में मिथिला और मधुबनी पेंटिंग को लेकर 300 कलाकार काम करते हैं. इप्शा पाठक का कहना है कि चुनाव में हमें दो तरह से लोग अप्रोच कर रहे हैं. या तो नेता या राजनीतिक पार्टियां (political parties) खुद हमसे मधुबनी पेंटिंग बनवा रहे हैं या फिर सप्लायर हमें ऑर्डर दे रहे हैं, जिसमें पार्टी सिंबल के साथ मिथिला और मधुबनी पेंटिंग की जा रही है.

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यह भी पढ़ें: म्यूजियम संवारने के चक्कर में तोड़ दिया मधुबनी पेंटिंग से सजा कमरा

इप्शा का कहना है कि ऑर्डर (orders) देते समय राजनीतिक पार्टियों (political parties) के प्रतिनिधि हमसे कहते हैं कि चुनाव प्रचार को परंपरा और संस्कृति से जोड़ने से वोटर से सीधा जुड़ाव हो सकेगा, साथ ही यह लोगों का ध्यान भी खींचेगा. उनका कहना है कि इस चुनाव में महिलाओं को बड़ा प्लेटफॉर्म मिला है. सोशल मीडिया पर जब हमने मधुबनी पेंटिंग से जुड़े सामान की तस्वीरें और जानकारी शेयर की तो अब दूसरे राज्यों से भी प्रत्याशी संपर्क करने लगे हैं.

मधुबनी कला से जुड़े इन उत्पादों में हो जाती है अच्छी प्रॉफिट

इप्सा ने बताया कि शॉल, स्टॉल, गमछा, पाग, साड़ी पर प्रति नग सौ रुपये से पांच सौ रुपये तक की बचत होती है. चुनाव में खूब ऑर्डर मिलने से महिलाओं को अच्छी आय हो रही है. चुनाव आगे बढ़ने पर और अधिक काम मिलने की उम्मीद है. इप्शा पाठक ने कहा कि मधुबनी उत्पादों की काफी अच्छी डिमांड है. इससे हम तमाम कलाकारों में उत्साह है. हमारे मिथिला और मधुबनी पेंटिंग से बने प्रतीक चिह्न हर राजनीतिक मंच पर दिख रहे हैं.

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