बिहार में 'बांग्लादेशी' समझकर राजमिस्त्री को लोगों ने बेरहमी से पीटा, FIR दर्ज

मधुबनी के राजनगर थाना क्षेत्र में एक राजमिस्त्री को ‘बांग्लादेशी’ समझकर लोगों ने बुरी तरह पीट दिया. घटना का वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा में केस दर्ज किया है. पीड़ित सुपौल का निवासी निकला, जबकि आरोपी राजनगर के हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है.

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मधुबनी में मजदूर की पिटाई (Photo: Representational ) मधुबनी में मजदूर की पिटाई (Photo: Representational )

aajtak.in

  • मधुबनी,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:14 PM IST

बिहार के मधुबनी जिले में अफवाह के आधार पर हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है. यहां एक मजदूर को  'बांग्लादेशी नागरिक' समझकर लोगों ने बेरहमी से पीट दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की और मामला दर्ज कर लिया.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि यह घटना राजनगर थाना क्षेत्र के चकदा इलाके में हुई. वायरल वीडियो में दो युवक एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. आरोप है कि दोनों युवकों ने बिना किसी पुष्टि के पीड़ित को अवैध बांग्लादेशी नागरिक मान लिया और उस पर हमला कर दिया. वीडियो सामने आते ही पुलिस की सोशल मीडिया सेल सक्रिय हुई और मामले की त्वरित जांच की गई.

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अफवाह के आधार पर युवक से मारपीट

मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि पीड़ित कोई विदेशी नहीं, बल्कि सुपौल जिले के बीरपुर का निवासी है और पेशे से राजमिस्त्री (मेसन) है. वहीं, हमले में शामिल दोनों युवक राजनगर के निवासी पाए गए हैं.

एसपी ने कहा कि इस मामले में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने, कानून हाथ में लेने और इस तरह के वीडियो बनाकर वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

आरोपियों की तलाश में छापेमारी

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बारे में अफवाहों पर विश्वास न करें और संदेह की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें. अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाना और भीड़ हिंसा को बढ़ावा देना गंभीर अपराध है.

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पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने बनाया और किस उद्देश्य से उसे वायरल किया गया. तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ी जा रही है.
 

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