बिहार में वैशाली जिले के कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव स्थित एक सरकारी स्कूल की एक महिला टीचर का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला है. जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. शव को लटका देख आसपास के लोगों ने घटना की जानकारी स्थानीय कटहरा थाना के पुलिस अधिकारी को दी जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया है और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है.
जानकारी के मुताबिक यह बताया जा रहा है कि टीचर स्कूल से ही कुछ दूरी पर किराए के मकान में आवास लेकर रह रही थी. महिला टीचर की स्कूल के ही एक अन्य शिक्षक से विवाद होने की बात सामने आई है लेकिन पुलिस कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है.
मृतका की पहचान जंदाहा थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी दीपक राज की पत्नी प्रिया भारती बताई गई है. प्रिया की 3 महीने की एक बेटी भी है. मौके से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है. जिसमें टीचर ने लिखा है- मम्मी पापा सॉरी! मुझे किसी से भी कोई विवाद नहीं है. मैं अपनी स्वेच्छा से इस दुनिया से जा रही हूं. मेरा शरीर रसलपुर ना ले जाया जाए. मेरा अंतिम संस्कार हाजीपुर में ही कर दिया जाए. मुखाग्नि मेरी बेटी से दिलवाई जाए ना कि मेरे पति से. मेरा मोबाइल मेरे पति को सौंप दिया जाए. मेरे मोबाइल के नोट्स में कुछ मैसेज, ऑडियो और वीडियो है. जिसका पासवर्ड मेरे पति को मालूम है. जिसका भी मैंने दिल दुखाया है सब से माफी मांगती हूं. पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि मेरा पोस्टमॉर्टम ना कराएं. मेरे पति या परिवार पर किसी भी प्रकार का मुकदमा दर्ज नहीं किया जाए. ये कदम मेरा व्यक्तिगत है. मम्मी, भाई जी आपकी बेटी हार गई. सॉरी मम्मी. साढ़े 5 लीटर दूध का पैसा बकाया है. मेरे पर्स में पैसा है उसमें से दे दिया जाए.'
स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी तुरंत कटहरा थाना पुलिस को दी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल, हाजीपुर भेज दिया है, और मामले की जांच- पड़ताल शुरू कर दी है. घटना जिले के कटहरा थाना क्षेत्र के सेहान गांव की है.
इस संबंध में महुआ एसडीपीओ संजीव कुमार ने बताया कि कटहरा थाना अंतर्गत कल सुबह एक घर में सूचना मिली थी कि किसी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है. जाकर देखा गया कि बीपीएससी शिक्षिका प्रिया भारती ने फांसी लगा रखी थी. मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है जांच की जा रही हैं की वो लिखावट उसकी है या नहीं.
विकाश कुमार दुबे