Rolls Royce Cullinan Recall: दुनिया की सबसे शाही कार, सबसे महंगी सवारी और परफेक्शन का दूसरा नाम Rolls-Royce. गाड़ी ऐसी कि लोग चलाने से ज्यादा पीछे बैठकर रॉयल फील लेने के लिए खरीदते हैं. लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग है. क्योंकि जिस कार में लोग पीछे बैठकर रॉयल फील लेते हैं, उसी की पीछे वाली सीट पर अब कंपनी ने खुद बैठने से मना कर दिया है. वजह क्या है, ये जानना दिलचस्प भी है और थोड़ा चौंकाने वाला भी.
रोल्स रॉयस की कारें दुनिया भर में अपने परफेक्शन के लिए जानी जाती हैं. लेकिन कभी-कभी सबसे बेहतरीन कंपनियां भी छोटी-मोटी गलती कर बैठती हैं. इस बार ऐसा ही कुछ हुआ है, दरअसल रोल्स रॉयस ने अमेरिका में अपनी लग्जरी एसयूवी Cullinan की 102 यूनिट्स को रिकॉल किया है. यानी वापस मंगाया है. इन कारों में कुछ तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिसके चलते इस रिकॉल का ऐलान किया गया है. यह रिकॉल 12 मार्च 2026 को जारी किया गया और इसमें Cullinan Series I और Series II दोनों मॉडल शामिल हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन गाड़ियों में यह समस्या पाई गई है, उनकी मैन्युफैक्चरिंग 27 नवंबर 2019 से 19 नवंबर 2025 के बीच हुई है. इस रिकॉल को बीएमडब्ल्यू नॉर्थ अमेरिका द्वारा फाइल किया गया है और इसे नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) की वेबसाइट पर भी लिस्ट किया गया है. जिन्हें नहीं पता है उनके लिए बता दें कि, रोल्स-रॉयस का मालिकाना हक बीएमडब्ल्यू ग्रुप के पास है.
कंपनी की जांच में पता चला है कि गाड़ी के रियर सीट बेल्ट सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले कुछ बोल्ट फैक्ट्री में सही टॉर्क के साथ टाइट नहीं किए गए थे. ये बोल्ट पीछे की सीटों के सीट बेल्ट और बैकरेस्ट को मजबूती से पकड़कर रखते हैं. अगर ये ढीले रह जाएं, तो दुर्घटना के समय सीट बेल्ट सही तरीके से काम नहीं कर पाएगी और बैकरेस्ट आगे की ओर खिसक सकता है. इससे पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए चोट का खतरा बढ़ जाता है.
इस समस्या का पता 23 जनवरी 2026 को चला, जब कंपनी के इंजीनियरों ने रूटीन चेक के दौरान गाड़ी में हल्की खड़खड़ाहट की आवाज सुनी. जांच करने पर एक बोल्ट ढीला मिला. बाद में एक और गाड़ी में इसी तरह की समस्या सामने आई, जिसके बाद कंपनी ने गहराई से जांच शुरू की और आखिरकार रिकॉल का फैसला लिया गया.
कंपनी ने प्रभावित गाड़ियों के मालिकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल गाड़ी की पीछे वाली सीट का इस्तेमाल न करें. साथ ही पीछे सामान रखने से भी बचें, जब तक पूरी जांच पूरी न हो जाए. अधिकृत डीलर इन गाड़ियों की जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर बोल्ट को टाइट किया जाएगा या इन्हें बदला जाएगा. इसके साथ ही सीट बेल्ट सिस्टम को भी चेक किया जाएगा.
अच्छी बात यह है कि सभी मरम्मत और बदलाव का काम ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ्त होगा. अभी तक इस समस्या से जुड़ा कोई हादसा या चोट की खबर सामने नहीं आई है. कंपनी मई 2026 से इस रिकॉल से प्रभावित ग्राहकों को नोटिस भेजना शुरू करेगी.
रोल्स रॉयस भारत में भी बेची जाती है, इसकी कीमत 10.50 करोड़ रुपये से शुरू होकर टॉप मॉडल के लिए 12.25 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है. हालांकि ये रिकॉल केवल अमेरिका में बेचे गए 102 यूनिट के लिए ही है. इस अल्ट्रा लग्जरी SUV में 6.75-लीटर का ट्विन-टर्बो V12 पेट्रोल इंजन मिलता है, जो करीब 563 बीएचपी की पावर और 850 एनएम टॉर्क जनरेट करता है. जबकि Black Badge वर्जन में पावर बढ़कर लगभग 592 बीएचपी तक पहुंच जाता है.
यह SUV ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम और 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आती है. स्पीड की बात करें तो यह गाड़ी 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार करीब 5 सेकंड में पकड़ लेती है और इसकी टॉप स्पीड लगभग 250 किमी/घंटा (इलेक्ट्रॉनिकली लिमिटेड) है. फीचर्स में एयर सस्पेंशन, मैजिक कारपेट राइड क्वालिटी, शानदार लेदर इंटीरियर, रियर सीट एंटरटेनमेंट, पैनोरमिक सनरूफ, 360-डिग्री कैमरा, एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) और बेहद साइलेंट केबिन शामिल हैं.
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