India US tariff Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ट्रेड डील का ऐलान करते हुए कहा कि, अमेरिका टैरिफ कम करके 25% से 18% कर देगा. इस ट्रेड डील का सीधा फायदा ऐसी भारतीय कंपनियों को मिलेगा जो अमेरिकी बाजार में अपने प्रोडक्ट्स बेचती हैं. इस डील का असर टाटा मोटर्स और रॉयल एनफील्ड निर्माता आयशर मोटर्स पर भी पड़ेगा.
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से इंतजार की जा रही ट्रेड डील आखिरकार हो गई है. 2 फरवरी की देर रात नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच इस अहम समझौते पर सहमति बनी. इस डील के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाला रेसिप्रोकल टैरिफ 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. इससे भारत के निर्यात (Export) आधारित सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ट्रेड डील का ऐलान करते हुए कहा कि यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा. इसका मतलब है कि भारतीय एक्सपोर्टर्स को बिना किसी देरी के टैरिफ में कटौती का फायदा मिलेगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर कहा कि, "आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी. वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं, और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं."
ट्रंप ने आगे लिखा कि, "हमने कई बातों पर बात की, जिसमें व्यापार, और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करना शामिल है. वह रूसी तेल खरीदना बंद करने और वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हुए. इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी. यूनाइटेड स्टेट्स और भारत के बीच एक ट्रेड डील पर सहमती बनी है. जिसके तहत तत्काल प्रभाव से यूनाइटेड स्टेट्स टैरिफ कम करके 25% से 18% कर देगा.
ट्रंप के पोस्ट में आगे लिखा गया है कि, "इसी तरह वे (भारत) भी यूनाइटेड स्टेट्स के अगेंस्ट अपने टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को घटाकर ज़ीरो करेंगे. प्रधानमंत्री ने 500 बिलियन डॉलर से ज़्यादा की अमेरिकी एनर्जी, टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर, कोयला और कई अन्य प्रोडक्ट्स के अलावा, बहुत बड़े लेवल पर "बाय अमेरिकन" (Buy American) के लिए भी कमिटमेंट किया है. भारत के साथ हमारे शानदार रिश्ते आगे और भी मज़बूत होंगे."
डील के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले पर खुशी जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स पर अब केवल 18 प्रतिशत टैरिफ लगना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने 1.4 अरब भारतीयों की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद भी दिया."
इस टैरिफ कटौती से भारत के कई एक्सपोर्ट सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है. खासतौर पर ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर के लिए यह डील बेहद अहम मानी जा रही है. अमेरिका भारत का बड़ा ट्रेड पार्टनर है और टैरिफ कम होने से इंडियन प्रोडक्ट वहां और ज्यादा मात्रा में एक्सपोर्ट किए जाएंगे. ऐसे में कई इंडियन कंपनियां हैं, जिनके लिए अमेरिकी मार्केट में चुनौतियां बढ़ गई थीं. क्योंकि टैरिफ की वजह प्रोडक्ट कॉस्ट हाई हो गया था. अब टैरिफ में कटौती का फायदा मिलेगा.
इस ट्रेड डील के सबसे बड़े फायदों में टाटा मोटर्स का नाम सामने आ रहा है. टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी कंपनी जगुआर लैंड रोवर का अमेरिकी बाजार में मजबूत कारोबार है. JLR की करीब 33 प्रतिशत बिक्री अमेरिका से आती है. इसके अलावा फाइनेंशियल ईयर 2025 में टाटा मोटर्स की पैसेंजर व्हीकल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में JLR की हिस्सेदारी लगभग 86 प्रतिशत रही है. ऐसे में टैरिफ में कटौती से कंपनी की कमाई और मुनाफे पर तगड़ा असर पड़ सकता है.
इसके अलावा इस टैरिफ कटौती का असर आयशर मोटर्स के एक्सपोर्ट बिजनेस पर भी पड़ेगा. आयशर मोटर्स अपने टू-व्हीलर ब्रांड रॉयल एनफील्ड की बाइक्स को अमेरिकी बाजार में लंबे समय से बेच रहा है. हालांकि यह असर तुरंत नहीं लेकिन लंबे समय में दिखने की संभावना ज्यादा है. रॉयल एनफील्ड पहले से ही अमेरिका में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है. टैरिफ कम होने से अमेरिका में निर्यात होने वाली बाइक्स पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी घट जाएगी. इससे रॉयल एनफील्ड की मोटरसाइकिलें वहां सस्ती पड़ेंगी और कंपनी को बेहतर मार्जिन मिलेगा. इसका सीधा फायदा बिक्री बढ़ने के रूप में सामने आ सकता है.
वाहन निर्माताओं के अलावा ऑटो कंपोनेंट मेकर्स को इस डील से तगड़ा फायदा होगा. जिसमें सोना बीएलडब्ल्यू (Sona BLW), रामकृष्ण फोर्जिंग, भारत फोर्ज, संवर्धन मदरसन, बालकृष्ण टायर्स (Balkrishna Tyres), सनसेरा इंजीनियरिंग (Sansera Engineering) जैसी कंपनियां शामिल हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो फाइनेंशियल ईयर 2024 में भारत से अमेरिका को 6.79 अरब डॉलर के ऑटो पार्ट्स निर्यात किए गए थें. जबकि अमेरिका से भारत को 1.4 अरब डॉलर के कंपोनेंट्स 15% ड्यूटी पर आयात किए गए थे. समवर्धना मदरसन इंटरनेशनल देश की प्रमुख ऑटो पार्टस निर्माता कंपनी है जो बड़े पैमाने पर अमेरिका में एक्सपोर्ट करती है.
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