Budget 2026: सस्ती इलेक्ट्रिक कारें, EV सुपर ऐप पर ऐलान! इस बार बज़ट से ये हैं उम्मीदें

Budget 2026 for Auto Sector: जीएसटी छूट से मालामाल ऑटो सेक्टर को इस साल के बज़ट से काफी उम्मीदे हैं. इंडस्ट्री चाहती है कि, सरकार इस बार के बज़ट में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को लेकर कुछ बड़े ऐलान करे. ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड को भी बेहतर किया जा सके.

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Union Budget 2026: इस बार सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है. Photo: ITG Union Budget 2026: इस बार सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है. Photo: ITG

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:52 AM IST

आज देश की इकोनॉमी के लिए अहम दिन है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बस थोड़ी देर में यूनियन बजट 2026 पेश करेंगी. ये नौंवी बार होगा जब वो देश का बजट पेश करेंगी. हर साल की तरह इस बार भी बजट से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें हैं. हालांकि, बीते कुछ सालों में बजट में ऑटो सेक्टर के लिए कोई बड़ी और खास घोषणा देखने को नहीं मिली है. ऐसे में इंडस्ट्री इस बार पॉलिसी स्टेबिलिटी, लांग टर्म क्लीयरिटी और डिमांड बढ़ाने वाले घोषणाओं की उम्मीद लगाए बैठी है. ख़ास तौर पर देश में ईवी इंफ्रा और इको-सिस्टम को बेहतर किए जाने की उम्मीद है.

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ईवी चार्जिंग और जीएसटी में बदलाव

बोल्ट.अर्थ के सीईओ और फाउंडर एस. राघव भारद्वाज ने कहा कि सरकार के पास दो बड़े मौके हैं, जिनसे यह संदेश दिया जा सकता है कि ईवी चार्ज करना उतना ही जरूरी है जितना उसे खरीदना. उन्होंने बताया कि फिलहाल ईवी पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जबकि चार्जिंग सर्विस पर 18 प्रतिशत टैक्स है. अगर चार्जिंग सर्विस पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत किया जाता है, तो यूजर्स का खर्च कम होगा और इलेक्ट्रिक कारों की खरीद बढ़ेगी.

वहीं राघव भारद्वाज ने यह भी कहा कि, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग में शामिल करना चाहिए. इससे चार्ज पॉइंट ऑपरेटर्स, बिजनेस और स्टार्टअप्स को सस्ता फंड मिलेगा और देश में हजारों नहीं बल्कि लाखों चार्जर लगाने का रास्ता खुलेगा.

स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के एमडी और सीईओ पियूष अरोड़ा का कहना है कि, डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को लगातार सपोर्ट मिलना चाहिए. ईवी से जुड़े इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने से लोकल प्रोडक्शन मजबूत होगा और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, साथ ही देश में सस्टेनेबल मोबिलिटी को भी रफ्तार मिलेगी. पियूष अरोड़ा ने आगे कहा कि ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ाने वाले कदम भी जरूरी हैं. इससे बाजार में मांग बनी रहेगी और ऑटो सेक्टर देश की इकोनॉमी बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा.

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ईवाई इंडिया की पार्टनर पारुल नागपाल के अनुसार, बजट 2026 से उम्मीदें इलेक्ट्रिक और ग्रीन मोबिलिटी पर ज्यादा फोकस को लेकर हैं. जानकारों का मानना है कि सरकार टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में ईवी अपनाने को तेज करने के लिए सब्सिडी बढ़ा सकती है या गारंटी जैसे कदम उठा सकती है. इसके साथ ही घरेलू बैटरी गीगाफैक्ट्री को बढ़ावा देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए टैक्स छूट या वायबिलिटी गैप फंडिंग जैसे उपायों पर भी ऐलान किए जा सकते हैं.

EV सुपर ऐप पर ऐलान

इंडस्ट्री को उम्मीद है कि बजट में पीएलआई स्कीम और पीएम ई-ड्राइव जैसी मौजूदा योजनाओं के लिए पर्याप्त फंड, ईजी डिस्बर्समेंट और केंद्र व राज्यों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जाएगा. साथ ही पीएम ई-ड्राइव के तहत प्रस्तावित यूनिफाइड नेशनल ईवी डिजिटल सुपर ऐप को लेकर भी कोई अपडेट आ सकता है. कुल मिलाकर, बजट 2026 से ऑटो और ईवी सेक्टर को नई दिशा और नई रफ्तार मिलने की उम्मीद की जा रही है.

भले ही भारत में ईवी की बिक्री बढ़ रही है, लेकिन इंडस्ट्री का मानना है कि अभी इसकी पूरी क्षमता सामने नहीं आई है. ज्यादा चार्जिंग पॉइंट, टैक्स में राहत और ईजी फाइनेंस जैसी सुविधाएं लोगों को ईवी की तरफ तेजी से आकर्षित कर सकती हैं. सरकार लंबे समय से कह रही है कि, बहुत जल्द इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत भी पेट्रोल कारों के बराबर हो जाएगी. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने तो कई बार अपने भाषणों में इस बात का जिक्र किया है.
 

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