सरकार पशुपालन क्षेत्र में एक खास बदलाव लाने जा रही है. पशुओं के टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान (AI) सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है. इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को समय पर सही सेवाएं देना और पशुओं का रिकॉर्ड सटीक रखना बताया जा रहा है.
इस नई डिजिटल व्यवस्था के तहत पशुपालन विभाग के फील्ड कर्मचारी पशुपालक से आधार नंबर और मोबाइल नंबर मांग सकते हैं. खासकर उन पुराने रिकॉर्ड में जहां मालिक की पूरी जानकारी नहीं है, वहां आधार और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा.
एक आधार नंबर केवल एक ही पशुपालक से जुड़ेगा, ताकि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी या दोहराव न हो. विभाग के कर्मचारी को सही जानकारी देने पर सेवा सही व्यक्ति के नाम पर दर्ज हो सकेगी.
बिना ओटीपी के नहीं होंगे ये काम
15 फरवरी 2026 से पशुओं के टीकाकरण के बाद OTP (वन टाइम पासवर्ड) शेयर करना जरूरी हो जाएगा. टीका लगने के बाद आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा, जिसे केवल अधिकृत टीकाकर्मी को ही बताना है. किसी और से शेयर करना नुकसान पहुंचा सकता है. इसी तरह, 1 अप्रैल से कृत्रिम गर्भाधान सेवा के दौरान भी OTP सिस्टम लागू हो जाएगा. AI टेक्नीशियन को मौके पर ही OTP देना होगा.
मोबाइल नंबर सही और अपडेट रखना भी बहुत जरूरी है. अगर नंबर बदल गया हो या फिर पुराना और गलत दर्ज हो, तो OTP नहीं पहुंचेगा और सेवा रुक सकती है. ऐसे में पशुपालन विभाग के फील्ड कर्मचारी से तुरंत सही नंबर अपडेट करवाना जरूरी है.
पशुपालक अधिक जानकारी के लिए '1962' ऐप की मदद ले सकते हैं. इस ऐप से स्मार्टफोन में जरूरी जानकारी पशुपालकों को मिल सकती है. यहां आपको सरकारी योजनाएं, पशुओं का डिजिटल रिकॉर्ड और सूचनाएं आसानी से मिल सकती हैं.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क