इस गांव की सभी महिलाएं करती हैं गौपालन, दूध बेचकर कमा रहीं बंपर मुनाफा

सबलपुर गांव की महिलाएं घर के बाहर पशु शेड बनाकर गाय पालन कर रही हैं. चारा खिलाने, दूध निकालने, दूध को समिति तक पहुंचाने तक का सारा कार्य भी वे खुद करती हैं. शुरुआत में एक महिला के गौपालन से शुरू हुआ ये सफर पूरे गांव की कमाई का जरिया बन गया है. इसे देख आसपास के गांव की महिलाएं भी उनसे प्रेरित हो रही हैं.

Advertisement
Cow farming Cow farming

aajtak.in

  • गया,
  • 07 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

बिहार के गया जिले के सबलपुर गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं. ऐसा वह गौपालन के जरिए कर रही हैं. ये महिलाएं घर बैठे हर महीने लाखों का मुनाफा कमा रही हैं. कम समय में अच्छी आय के बाद उनके घर की आर्थिक स्थिति भी सुधरी है. इन महिलाओं के बच्चे अच्छे निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं. 

पशुपालन से जुड़े सारे काम करती हैं खुद

Advertisement

सबलपुर गांव की महिलाएं घर के बाहर पशु शेड बनाकर गाय पालन कर रही हैं. चारा खिलाने,दूध निकालने,दूध को समिति तक पहुंचाने तक का सारा कार्य भी वे खुद करती हैं. शुरुआत में एक महिला के गौपालन से शुरू हुआ ये सफर पूरे गांव की कमाई का जरिया बन गया है. इसे देख आसपास के गांव की महिलाएं भी उनसे प्रेरित हो रही हैं.

दूध समिति में बेचती हैं अपना दूध

गांव में गाय पालन करने वाली महिला प्रियंका कुमारी ने बताया कि गांव की सभी महिलाएं गाय पालन करती हैं और गाय का दूध निकाल कर बेचती हैं. उन्होंने बताया कि वे गाय का दूध मशीन से निकालती हैं. जब बिजली नहीं रहती है तो हाथ से भी दूध निकालती हैं. वे गाय का दूध समिति में बेचती हैं. इसके बाद समिति के सचिव दूध को इकट्ठा कर गया ले जाते हैं. इससे उन्हें दूध पर अच्छा मुनाफा मिल जाता है.

Advertisement

प्रियंका कुमारी ने बताया कि गाय पालन से पहले गांव की महिलाएं घर में ही रहती थीं और घर का काम किया करती थीं. अब इन महिलाओं को गाय पालन से अच्छा मुनाफा हो रहा है. प्रियंका के पास पहले तीन गाय थीं, जिससे 35 हजार रुपये की कमाई होती थी. वहीं अब उनको चार गाय रखने पर 40 से 45 हजार रुपये की कमाई हो रही है. इसमें 15 हजार रुपये गाय को खिलाने-पिलाने पर खर्च होता है, बाकी के रुपये उनके पास बच जाते हैं.

खेती के लिए जैविक खाद का भी हो जाता है जुगाड़

इसी गांव की बेबी देवी ने बताया कि वे गाय पालन करती हैं. दूध बेचती भी हैं और घर में लोग खाते भी हैं. उन्होंने बताया कि पशुपालन में बहुत फ़ायदा है. गाय के गोबर से जैविक खाद बनती है, जिसे खेतों में उपयोग किया जाता है. बेबी देवी ने बताया कि गाय पालन से पहले वे खेती-बाड़ी का काम किया करती थीं. फिर उन्होंने गाय पालन शुरू किया जिससे काफी फायदा हुआ और घर का खर्च आराम से निकलने लगा है.

---- समाप्त ----
इनपुट: पंकज कुमार, गया

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement