धनिया की खेती से करोड़पति बना किसान, खरीदा आलीशान घर और SUV

लातूर महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित जिलों में गिना जाता है. पारंपरिक खेती से यहां के किसानों को मनचाही कमाई नहीं हासिल हो पाती है. इसी के चलते रमेश ने धनिया की खेती करने का फैसला लिया. इसकी खेती से ही वह आज करोड़पति बन चुके हैं.

Advertisement
Farmer become crorepati by coriander farming Farmer become crorepati by coriander farming

aajtak.in

  • लातूर,
  • 31 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक खेती में हाथ आजमा रहे हैं. महाराष्ट्र के लातुर जिले के रहने वाले रमेश विठ्ठलराव भी इन्हीं किसानों में से एक हैं. वह अपने 5 एकड़ जमीन में पिछले चार सालों से पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक तरीके से धनिया की खेती कर रहे हैं. इससे वह अब तक 1 करोड़ रुपये की कमाई कर चुके हैं.

Advertisement

पांरपरिक खेती से मनचाही कमाई नहीं कर पा रहे किसान

लातूर जिला महाराष्ट्र का सूखा प्रभावित क्षेत्र में गिना जाता है. पारंपरिक खेती से यहां के किसानों को मनचाही कमाई नहीं हासिल हो पाती है. कई बार किसानों के लिए अपनी फसल की लागत निकालना मुश्किल हो जाता है. इसी के चलते रमेश ने धनिया की खेती करने का फैसला लिया. 

इस साल धनिया से अब तक 16 लाख की कमाई

रमेश ने साल 2019 से उन्होंने धनिया की खेती की शुरुआत की थी. उस साल उन्हें 25 लाख रुपयों का अच्छा मुनाफा हुआ था. इस दौरान उनकी लागत सिर्फ 1 लाख रुपये थी.  साल 2020 में 16 लाख , 2021 में 14 लाख , 2022 में 13 लाख, वहीं, इस साल उन्होंने इससे 16 लाख 30 हजार रुपयों की कमाई कर ली है.

अंगूर से धनिया की खेती पर हुए थे शिफ्ट

Advertisement

रमेश बताते हैं कि साल 2015 में मैंने अपने 3 एकड़ खेत में अंगूर का बगीचा लगाया था. इससे उन्हें कुछ खास मुनाफा हासिल नहीं हुआ. 2016 में इसी बगीचे से निकले हुए 50 टन अंगूर पर मुझे 10 रुपये प्रति किलो का भाव मिला. इससे मुझे 5 लाख रुपये हासिल हुए. हालांकि, इसके लिए 6.5 लाख रुपयों की लागत आई. फिर साल 2019 में धनिया की खेती शुरू की. पहले ही साल में 25 लाख मुनाफा हुआ.

धनिया की खेती से खरीद लिया घर SUV

रमेश बताते हैं कि पिछले 5 सालों में मुझे इस धनिया की खेती से लगभग 1 करोड का मुनाफा मिला. इन मिले हुए पैसों से मैंने एक SUV कार और घर भी खरीद लिया. उन्होंने आगे किसानों को यह आह्वान भी किया कि किसानों ने पारंपरिक खेती के बजाय ऐसे नए खेती के तरीकों को आजमाना चाहिए जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिले.

(लातूर से अनिकेत जाधव की रिपोर्ट)

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement