किसानों के लिए राहत की खबर! धान खरीद पर 24 घंटे के भीतर होगा भुगतान, सरकार का निर्देश

बिहार सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद को लेकर किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने लंबित भुगतानों को प्राथमिकता से निपटाने और मिलों से फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) सैंपलों की जांच 10 जनवरी तक पूरी करने के निर्देश दिए.

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बिहार में MSP पर धान खरीद बिहार में MSP पर धान खरीद

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 08 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:03 AM IST

बिहार सरकार ने प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीद की बात दोहराई है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को धान बिक्री के 24 घंटे के भीतर भुगतान प्राप्त हो और जिन किसानों का भुगतान किसी कारणवश लंबित रह गया है, उनका भुगतान अविलंब करने का निर्देश खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने दिया है.

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सचिव अभय कुमार सिंह ने मंगलवार, 7 जनवरी को बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड (बीएसएफसी) के मुख्यालय में निगम की समीक्षा बैठक की. जिसमें उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित भुगतानों को FIFO (फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट) प्रणाली के तहत प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.

साथ ही, मिलों के निबंधन एवं फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) से संबंधित विषयों की समीक्षा करते हुए सचिव ने निर्देश दिया कि 10 जनवरी 2026 तक मिलों से प्राप्त एफआरके सैंपलों की जांच अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके.

बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से जुड़ी विभिन्न योजनाओं—प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री पोषण योजना, गेहूं आधारित पोषण योजना, किशोरियों के लिए पोषण योजना, कल्याणकारी संस्थान एवं छात्रावास योजना की भी समीक्षा की गई. सचिव ने कहा कि इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में बीएसएफसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. इसे और अधिक सुदृढ़ किए जाने की जरूरत है.

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सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर

सचिव ने एफसीआई से खाद्यान्न के उठाव से लेकर डिस्पैच तक की सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष बल दिया, ताकि खाद्यान्न समय पर लाभुकों तक पहुंचाया जा सके. इसके साथ ही, खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था में जिन जिलों में समस्याएं सामने आई हैं, वहां त्वरित निष्पादन के निर्देश भी दिए गए.

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