भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने फाइनल में जगह बनाने के बाद कहा कि भारत को ट्रैक एवं फील्ड में ओलंपिक का पहला पदक दिलाने की दावेदारी मजबूत करने के लिए उन्हें इस प्रदर्शन को दोहराते हुए बेहतर दूरी तय करनी होगी. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में ‘परफेक्ट थ्रो’ के साथ टोक्यो खेलों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई है.
23 साल के चोपड़ा 86.65 मीटर के प्रयास के साथ क्वालिफिकेशन में शीर्ष पर रहते हुए ओलंपिक फाइनल में जगह बनाने वाले पहले भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी बने.
चोपड़ा ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘मैं अपने पहले ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रहा हूं और काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं वॉर्म अप के दौरान मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं था, लेकिन पहले थ्रो (क्वालिफाइंग दौर में) में मैंने अच्छा कोण हासिल किया और यह परफेक्ट थ्रो था.’
चोपड़ा हालांकि आत्ममुग्धता का शिकार नहीं हैं और उन्हें पता है कि फाइनल बिल्कुल अलग मुकाबला होगा, जिसमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खिताब जीतने के लिए चुनौती पेश करेंगे.
. made entering an Olympic final look so easy! 😲😱
— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi)
Neeraj's FIRST attempt of 86.65m in his FIRST-EVER was recorded as the highest in men's Group A, beating 's 85.64m 👏 | | |
भारतीय खिलाड़ी ने कहा, ‘यह (फाइनल) बिल्कुल अलग अहसास होगा, क्योंकि यह मेरा पहला ओलंपिक है. शारीरिक रूप से हम सभी कड़ी ट्रेनिंग करते हैं और तैयार हैं, लेकिन मुझे मानसिक रूप से तैयार होने की भी जरूरत है.’
उन्होंने कहा, ‘मुझे अपने थ्रो पर ध्यान देने की जरूरत है और अधिक दूरी के साथ इस प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश करूंगा.’ चोपड़ा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण ओलंपिक से पहले तैयारी काफी मुश्किल रही.
उन्होंने कहा, ‘पिछला साल काफी मुश्किल था क्योंकि हम ओलंपिक के लिए तैयार थे और कोरोना वायरस के कारण सब कुछ बंद हो गया. हम थोड़े दुखी थे, लेकिन इसके बाद नियमित ट्रेनिंग शुरू की. हमें प्रत्येक दिन ट्रेनिंग करने की जरूरत थी इसलिए यह मुश्किल था.’
चोपड़ा ने कहा, ‘लेकिन जब जापान ने कहा कि वे ओलंपिक का आयोजन करेंगे तो हम मानसिक रूप से तैयार हो गए और कड़ी ट्रेनिंग की.’