टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए पदक की बड़ी दावेदारों में से मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा) का दूसरी बार ओलंपिक में पदक जीतने का सपना टूट गया और इस इस हार के साथ ही उनका ओलंपिक का सफर यहीं थम गया.
प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार के बाद मैरीकॉम ने वरिष्ठ खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार से कहा कि वह 40 साल की उम्र या जब तक शरीर साथ देगा तब तक खेलती रहेंगी.
मैरीकॉम ने कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि वह हार गई है. उनका कहना है कि कि मैच के बाद भी वह मुकाबला जीत गई हैं.
खेल पत्रकार बोरिया मजूमदार ने ट्वीट कर कहा कि यह एआईबीए बॉक्सिंग का नियम है तो उनकी ओलंपिक यात्रा का अंत यहीं पर हो गया. क्या अब हम उनकी फाइट देख सकेंगे? वह हमेशा इसके लिए उत्सुक रहती हैं लेकिन हमें देखना होगा.
She says to me she will play till she is 40 is her body allows it. That’s the rule. So end of her journey. Will we see her fight on? She remains keen but we have to see.
— Boria Majumdar (@BoriaMajumdar)
टोक्यो में दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम का आज गुरुवार का दिन खराब रहा. उनका दूसरा ओलंपिक पदक जीतने का सपना आज टूट गया. रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता इंग्रिट वालेंसिया ने प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्हें 3-2 से हरा दिया.
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एशियाई चैंपियन रही और 2012 लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता मैरीकॉम ने इस चुनौतीपूर्ण मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सकीं. 38 साल की इस महान मुक्केबाज का यह अंतिम ओलंपिक मुकाबला साबित हुआ.
मुकाबले के बाद जब रेफरी ने वालेंसिया का हाथ ऊपर उठाया, तो मैरीकॉम की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर मुस्कान थी. शुरू से ही दोनों मुक्केबाज एक-दूसरे पर मुक्के जड़ रही थीं, लेकिन वालेंसिया ने शुरुआती राउंड 4-1 से अपने नाम कर दबदबा बना लिया.
मणिपुर की अनुभवी मुक्केबाज मैरीकॉम ने शानदार वापसी की और दूसरे तथा तीसरे राउंड को 3-2 से अपने नाम किया. पर शुरुआती राउंड की बढ़त से वालेसिंया इस मुकाबले को जीतने में सफल रहीं.
मैरीकॉम 2019 विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहले वालेंसिया को हरा चुकी हैं. कोलंबियाई मुक्केबाज की यह मैरीकॉम पर पहली जीत है.