भाविना पटेल पैरालंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं. उन्होंने टोक्यो खेलों में महिला एकल क्लास 4 वर्ग के क्वार्टर फाइनल में सर्बिया की बोरिस्लावा पेरिच रांकोविच को 11-5, 11-6, 11-7 से मात दी. इसके साथ ही उन्होंने टेबल टेनिस में भारत के लिए पदक पक्का कर लिया है.
भारत की 34 साल की इस स्टार खिलाड़ी का सामना अब चीन की झांग एम से होगा. भाविना ने अंतिम 16 मुकाबले में ब्राजील की जॉयस डि ओलिवियरा को 12-10, 13-11, 11- 6 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था.
⭐1st Indian to secure a medal
— #Tokyo2020 for India (@Tokyo2020hi)
⭐Lost her opening match and then won 3 in a row.
⭐In her quarter final match, she trailed just once.
Take a bow, 🔥
Stay tuned for her semi-final tomorrow! ⌛
सेमीफाइनल मुकाबला 28 अगस्त को भारतीय समयानुसार सुबह 6:10 बजे से खेला जाएगा. भारत की दूसरी टेबल टेनिस खिलाड़ी सोनलबेन मनुभाई पटेल दोनों ग्रुप मैच हारकर पहले ही बाहर हो चुकी हैं.
ऐसे हुआ पदक पक्का
अंतिम चार में पहुंचते ही भाविना का पदक पक्का हो गया. टोक्यो पैरालंपिक टेबल टेनिस में कांस्य पदक प्ले-ऑफ मुकाबला नहीं होगा और सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलेगा. भारतीय पैरालंपिक समिति की अध्यक्ष दीपा मलिक ने ट्विटर पर जारी वीडियो में कहा, ‘यह निश्चित है कि हम उन्हें एक पदक जीतते हुए देखेंगे. शनिवार सुबह के मैच (सेमीफाइनल) से यह तय होगा कि वह किस रंग का पदक जीतेगी.’
Bhavina and Sakina make us so proud... And just waiting to see which color medal Bhavina makes confirms a medal .... Tommoro morning match is going to script history and we want to see a brighter shade of the medal.. we are so proud of you ..
— Deepa Malik (@DeepaAthlete)
अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (आईपीसी) की संचालन समिति ने 2017 में अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया था, जिस में सभी पदक स्पर्धाओं में तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ को हटाने और हारने वाले दोनों सेमीफाइनलिस्ट को कांस्य पदक देने की मांग की गई थी.
वह इससे पहले दिन में पैरालंपिक क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली टेबल टेनिस खिलाड़ी बनी थीं.